Washington, (USA): कोरोना की यादें अभी धुंधली भी नहीं पड़ी थीं कि दुनिया भर में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता की लहर दौड़ गई है। इस बार खतरा जानलेवा ‘हंता वायरस’ से उपजा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए दुनिया के 12 देशों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इस पूरे संकट के केंद्र में ‘एमवी होंडियस’ नामक एक क्रूज शिप है, जिसे संक्रमण के डर से फिलहाल कोई भी देश अपनी जमीन पर जगह देने को तैयार नहीं है। असली चिंता इस बात को लेकर है कि संक्रमण के मामले गंभीर होने से पहले ही कुछ यात्री इस जहाज से उतरकर अपने-अपने वतन वापस लौट चुके हैं, जिससे उन देशों में वायरस फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
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क्रूज पर मौत का तांडव और संदिग्ध मामले
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरुवार को पुष्टि की है कि इस क्रूज शिप पर अब तक हंता वायरस के पांच मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन अन्य संदिग्ध मामले जांच के दायरे में हैं। श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी के कुल आठ मामले सामने आए हैं, जिनमें से तीन लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। लैब रिपोर्ट के मुताबिक, पांच मरीजों में एंडीज वायरस का संक्रमण पाया गया है। WHO ने जिन 12 देशों को विशेष तौर पर आगाह किया है, उनमें अमेरिका, यूके, कनाडा, जर्मनी, नीदरलैंड्स, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, डेनमार्क, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, टर्की और सेंट किट्स एंड नेविस शामिल हैं।
WHO प्रमुख की अपील और टेस्ट किट की सप्लाई
जिनेवा में पत्रकारों से बात करते हुए WHO प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने बताया कि यदि सार्वजनिक स्वास्थ्य कदम तेजी से उठाए गए, तो संक्रमण को सीमित रखा जा सकता है। हालांकि, यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की सघन जांच जारी है, जिससे आंकड़े बढ़ने की आशंका है। अर्जेंटीना की प्रयोगशालाओं से प्रभावित देशों को 2,500 टेस्ट किट भेजी जा रही हैं। इस बीच, जहाज पर अभी भी 23 देशों के 149 लोग सवार हैं, जो बीच समंदर में फंसे हुए हैं।
स्पेन ने बढ़ाया मदद का हाथ
जहाज की स्थिति तब और विकट हो गई जब किसी भी देश ने इसे बंदरगाह पर उतरने की अनुमति नहीं दी। इस बीच स्पेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय भावना का हवाला देते हुए जहाज को ‘कैनरी आइलैंड्स’ पर आने की इजाजत देने की बात कही है। फिलहाल यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल जहाज की बारीकी से मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि संक्रमित और स्वस्थ यात्रियों को अलग किया जा सके। उम्मीद है कि अगले तीन से चार दिनों में जहाज स्पेन पहुंचेगा, जहां से राहत और बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।
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