रांची : ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान एक बार फिर तिरंगे की आन-बान और शान के लिए सज-धज कर तैयार है। शनिवार को यहां गणतंत्र दिवस के राज्यस्तरीय समारोह का ‘फुल ड्रेस रिहर्सल’ संपन्न हुआ, जिसने यह साफ कर दिया कि 26 जनवरी को रांचीवासी एक भव्य और अनुशासित परेड के गवाह बनने वाले हैं।
रांची में गणतंत्र दिवस का राज्यस्तरीय समारोह हमेशा से विशेष रहा है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन की मौजूदगी में हुए रिहर्सल के दौरान पूरा मैदान देशभक्ति के जज्बे से सराबोर दिखा। रिहर्सल को ‘रियल टाइम’ बेसिस पर आयोजित किया गया, यानी ठीक उसी समय और उसी क्रम में हर गतिविधि हुई, जैसा मुख्य समारोह में होना है।
परेड का आकर्षण और सुरक्षा
इस साल की परेड में भारतीय सेना, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और झारखंड जगुआर जैसी प्रतिष्ठित टुकड़ियों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ पुलिस का दस्ता भी कदम-ताल करता नजर आएगा। कुल 15 प्लाटून इस गौरवशाली परेड का हिस्सा होंगे। सेना के कैप्टन मोहित कुमार सुमन इस पूरे परेड का नेतृत्व (कमांड) करेंगे। परेड के पीछे सेना और जेएपी-1 की बैंड पार्टियों की धुन माहौल में जोश भरती दिखी।
प्रशासन की ‘ज्वाइंट ब्रीफिंग’ और निर्देश
फुल ड्रेस रिहर्सल के बाद डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने सभी तैनात अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि झांकियों का प्रदर्शन तय समय सीमा के भीतर हो और दर्शकों के लिए चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त रहे। वहीं, एसएसपी राकेश रंजन ने सुरक्षा व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि कार्यक्रम स्थल पर बिना ‘फ्रीस्किंग’ और सुरक्षा जांच के किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
विविधता भरी झांकियां
परेड के साथ-साथ राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र होंगी, जिनका प्रबंधन उप विकास आयुक्त सौरभ कुमार भुवनिया देख रहे हैं। यह समारोह न केवल सैन्य शक्ति बल्कि झारखंड की कला, संस्कृति और विकास की कहानी भी बयां करेगा।



