India News: गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। ATS ने आतंकी संगठन अलकायदा के भारतीय उपमहाद्वीप यूनिट (AQIS) से जुड़े एक ऑनलाइन टेरर मॉड्यूल की महिला सदस्य शमा परवीन को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला झारखंड की मूल निवासी है और पिछले कुछ वर्षों से अपने परिवार के साथ बेंगलुरु के आरटी नगर इलाके में रह रही थी।

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने गिरफ्तारी को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि आरोपी महिला का पाकिस्तान कनेक्शन भी सामने आया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि शमा परवीन ऑनलाइन जिहादी कट्टरता को बढ़ावा देने और युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभा रही थी।

सोशल मीडिया पर फैला रही थी जिहाद

गुजरात ATS के अनुसार शमा परवीन दो फेसबुक अकाउंट और एक इंस्टाग्राम अकाउंट से आतंकी विचारधारा फैला रही थी। इंस्टाग्राम पर उसके पेज “strangers_nation02” के 14 हजार से ज्यादा फॉलोवर्स हैं। फेसबुक पेज के नाम “Strangers of The Nation” और “Strangers of The Nation 2” थे, जिनका उपयोग अलकायदा नेता मौलाना असीम उमर के वीडियो और भाषणों को फैलाने में किया जा रहा था।

ATS ने बताया कि 22 जुलाई को AQIS से जुड़े चार आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद शमा का नाम सामने आया। जांच में पता चला कि शमा इस मॉड्यूल की प्रमुख साजिशकर्ता थी और कई लोगों को कट्टरपंथी बना चुकी थी।

पाकिस्तानी अकाउंट्स से व्हाट्सएप चैटिंग

एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि शमा व्हाट्सएप पर कई पाकिस्तानी नंबरों से संपर्क में थी और गुप्त मैसेजिंग के ज़रिए संवाद करती थी। यह भी जांच की जा रही है कि उसे किसी प्रकार की विदेशी फंडिंग मिल रही थी या नहीं। साथ ही इस मॉड्यूल से और कौन लोग जुड़े थे, इसकी तहकीकात की जा रही है।

निजी जीवन और संदिग्ध गतिविधियां

जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय शमा अविवाहित और बेरोजगार है। वह घर के भीतर ही रहकर ज्यादातर समय सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती थी और परिवार से भी अधिक मेलजोल नहीं रखती थी। वह खुद को “जिहादी प्रचारक” के रूप में प्रस्तुत कर रही थी और युवाओं को कथित तौर पर गजवा-ए-हिंद जैसे कट्टरपंथी विचारों की ओर आकर्षित कर रही थी।

गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

ATS ने उसे बेंगलुरु से गिरफ्तार कर अहमदाबाद लाया है, जहां अदालत से रिमांड लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह मॉड्यूल अभी निष्क्रिय नहीं है और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

गुजरात ATS का दावा है कि यह इस मॉड्यूल से जुड़ी पांचवीं गिरफ्तारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारी हो सकती हैं।

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