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Health News: कहा जाता है कि बच्चे को जन्म देना मां के लिए नया जीवन शुरू करने जैसा होता है। प्रसव के बाद मां का शरीर शारीरिक और मानसिक रूप से काफी थका हुआ होता है। ऐसे समय में अगर सही खानपान न लिया जाए, तो कमजोरी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
अक्सर देखा जाता है कि नई माएं बच्चे की देखभाल में खुद के स्वास्थ्य को पीछे छोड़ देती हैं, जबकि हकीकत यह है कि मां स्वस्थ रहेगी तभी बच्चा भी स्वस्थ रहेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए हम बता रहे हैं ऐसे सात देसी आहार, जो प्रसव के बाद मां के भोजन में जरूर शामिल होने चाहिए।
सबसे पहले बात करें सौंठ की गोली की। सूखे अदरक से बनी ये गोलियां पाचन तंत्र को मजबूत करती हैं और गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत देती हैं। इन्हें खाने से कुछ समय पहले लेना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
दूसरा है चावल की मांड। इसमें पिपली, सौंठ और थोड़ा सा घी मिलाकर सेवन किया जाता है। यह पेट की मांसपेशियों को आराम देती है और शरीर को हल्का महसूस कराती है।
तीसरा महत्वपूर्ण आहार है शतावरी। इसे महिलाओं के लिए आयुर्वेद का वरदान कहा जाता है। यह डिलीवरी के बाद की कमजोरी को कम करती है और प्राकृतिक रूप से मां के दूध के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करती है।
चौथे नंबर पर आते हैं मेथी के लड्डू। प्रसव के बाद हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। ऐसे में मेथी के लड्डू ताकत देने के साथ शरीर के दर्द में भी राहत देते हैं।
पांचवां है गोंद के लड्डू। यह लगभग हर घर में प्रसव के बाद बनाए जाते हैं। दूध के साथ रोजाना गोंद के लड्डू खाने से कमजोरी दूर होती है और शरीर में खून की कमी भी पूरी होती है।
छठा आहार है हलीम के बीजों की खीर। पोषक तत्वों से भरपूर ये बीज अंदरूनी ताकत बढ़ाते हैं। मखाने और सूखे मेवों के साथ बनी खीर शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करती है।
सातवां और आखिरी है तिल। तिल की तासीर गर्म होती है। इसका सेवन हड्डियों को मजबूत करता है और शरीर के दर्द में राहत देता है। तिल की चटनी या लड्डू दोनों रूपों में इसे खाया जा सकता है।
सही आहार अपनाकर नई मां न सिर्फ खुद को मजबूत बना सकती है, बल्कि बच्चे की सेहत का भी बेहतर ख्याल रख सकती है।



