Ranchi : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन शुक्रवार को वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 4296 करोड़ 62 लाख रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। यह बजट राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि यह अनुपूरक बजट उन योजनाओं और परियोजनाओं के लिए है, जिन्हें मुख्य बजट में शामिल नहीं किया जा सका था या जिनके लिए अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता महसूस की गई। बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में सुधार कर जनता तक सीधा लाभ पहुंचाना और विकास कार्यों को गति देना है।

शिक्षा क्षेत्र में अतिरिक्त बजट आवंटन से स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। वहीं, स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्पतालों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने, दवाओं और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर फोकस होगा। ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे पर खर्च कर गांवों में सड़कों, पुल-पुलियों और जल आपूर्ति जैसी योजनाओं को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद और वंचित वर्गों को लाभ पहुंचाने पर सरकार का जोर रहेगा।

इस बीच सदन में राजनीतिक सरगर्मी भी देखने को मिली। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने सदन में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न दिए जाने की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने कहा कि विधानसभा से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने गुरुजी की संघर्ष गाथा और जीवनी को राज्य के पाठ्यक्रम में शामिल करने की भी मांग की, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान से प्रेरणा ले सकें।

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