Jharkhand News: पश्चिम सिंहभूम जिले के गुआ डाकघर में हुए फिक्स डिपॉजिट (FD) घोटाले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। जैसे ही मीडिया में घोटाले की खबर सामने आई, सोमवार सुबह से ही लोगों की भीड़ डाकघर में जमा हो गई। हर कोई अपने खाते की हकीकत जानने को बेचैन दिखा।
पासबुक लेकर पहुंचे चिंतित खाताधारक
हजारों रुपये से लेकर लाखों तक की FD कराने वाले ग्रामीण खाताधारक हाथों में पासबुक लिए पोस्ट ऑफिस पहुंचे। कई लोग डरे हुए थे कि कहीं उनकी जिंदगी भर की जमा पूंजी लुट न जाए।
डाकघर के वर्तमान पोस्टमास्टर विवेक आनंद ने खुद खातों की जांच शुरू की और बताया कि कई विसंगतियां सामने आ रही हैं। यह संकेत है कि जो 35 फर्जी खातों का मामला उजागर हुआ था, वह तो सिर्फ घोटाले की पहली परत थी।
पुराने पोस्टमास्टर पर गंभीर आरोप
कई खाताधारकों ने पूर्व पोस्टमास्टर पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि यह फर्जीवाड़ा वर्षों से चल रहा था, और इस पूरे नेटवर्क में कुछ कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं।
जांच की मांग और कार्रवाई का दबाव
घोटाले के बाद अब डाक विभाग के उच्च अधिकारी, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक लोगों की मांगें पहुंच चुकी हैं। आम जनता की ओर से इन प्रमुख मांगों को लेकर दबाव बढ़ रहा है:
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एक स्वतंत्र विशेष जांच अधिकारी की तैनाती
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डिजिटल ऑडिट के जरिए सभी खातों की जांच
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सीआईडी या सीबीआई से जांच कराने की अनुशंसा
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पीड़ितों को राहत राशि देने की मांग
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दोषी कर्मियों की शीघ्र गिरफ्तारी
पीड़ितों में डर और अविश्वास का माहौल
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई डाकघर की FD में डाली थी। उन्हें सरकार और सिस्टम पर भरोसा था, लेकिन अब उन्हें अपना पैसा भी असुरक्षित लग रहा है। लोग कहते हैं कि अगर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो सार्वजनिक संस्थाओं पर विश्वास डगमगा जाएगा।



