Jharkhand News: झारखंड के चर्चित डुमरी विधायक जयराम महतो एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। इस बार मामला सीधे मारपीट और गाली-गलौज से जुड़ा है। बेरमो प्रखंड प्रमुख गिरिजा देवी के देवर और सीसीएल कर्मी कैलाश महतो ने नावाडीह थाना में विधायक जयराम महतो पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।

कैलाश महतो ने आरोप लगाया है कि 9 जुलाई की रात लगभग 8 बजे वे अपनी गाड़ी से घर लौट रहे थे। रास्ते में गुंजरडीह मोड़ पर गाड़ी खराब हो गई, जिससे वे सड़क किनारे रुक गए। तभी विधायक जयराम महतो की गाड़ी विपरीत दिशा से आई। विधायक के अंगरक्षकों और समर्थकों ने पहले गाड़ी हटाने को कहा। जब उन्हें बताया गया कि वाहन खराब है, तो विधायक खुद गाड़ी से उतरे और बेल्ट निकालकर पीटना शुरू कर दिया।

कैलाश महतो का आरोप है कि विधायक के समर्थकों ने भी उन्हें बुरी तरह पीटा और गाली-गलौज की। इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत नावाडीह थाने में दर्ज कराई गई है।

विधायक के अंगरक्षक ने भी दर्ज कराया काउंटर केस

इस घटना के एक दिन बाद, विधायक जयराम महतो के अंगरक्षक ने भी काउंटर FIR दर्ज कराई है। उनके मुताबिक, वे लोग गुंजरडीह की ओर जा रहे थे, तभी देखा कि कैलाश महतो बीच सड़क पर गाड़ी खड़ी किए हुए हैं। जब गाड़ी हटाने को कहा गया, तो कैलाश महतो और उनके साथियों ने ही मारपीट और गाली-गलौज शुरू कर दी।

अंगरक्षक ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके वाहन चालक को भी चोट आई है। दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।

विधायक का पुतला जलाया, कार्रवाई की मांग

इस घटना से आक्रोशित होकर कैलाश महतो के समर्थकों ने गुरुवार की देर शाम करगली गेट स्थित गांधी चौक पर विधायक जयराम महतो का पुतला फूंका। इस दौरान लोगों ने विधायक और उनके अंगरक्षकों की कार्रवाई की निंदा करते हुए कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की।

विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि से इस प्रकार के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती। यदि प्रशासन ने समय पर उचित कार्रवाई नहीं की, तो आगे और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

पुलिस जुटी जांच में

पुलिस ने दोनों पक्षों की एफआईआर दर्ज कर ली है और घटना की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीद गवाहों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सच्चाई सामने लाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

इस घटना ने झारखंड की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। पहले से ही अपने बयानों और कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में रहने वाले विधायक जयराम महतो के लिए यह मामला नई परेशानी खड़ी कर सकता है।

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