रांची: राजधानी में अवैध शराब के सौदागरों के खिलाफ उत्पाद विभाग ने नई कार्रवाई को अंजाम दिया है। शनिवार को एक गुप्त सूचना के आधार पर विभाग की विशेष टीम ने नगड़ी, रातू और धुर्वा थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी कर लगभग 940 पेटी नकली विदेशी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई ने शराब तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है।

ब्रांडेड लेबल और ढक्कनों का खेल

पकड़ी गई शराब की खेप केवल अवैध ही नहीं, बल्कि पूरी तरह नकली थी। तस्करों का तरीका बेहद शातिर था; वे साधारण शराब को नामी विदेशी ब्रांडों की बोतलों (क्वार्टर, हाफ और फुल) में भरकर उन पर असली जैसे दिखने वाले नकली लेबल और ढक्कन लगा देते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में खाली बोतलें, ढक्कन और नामी ब्रांडों के प्रिंटेड लेबल भी बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ग्राहकों को धोखा देने के लिए किया जाना था।

खूंटी का तस्कर गिरफ्तार, खुले कई राज

मौके से विभाग ने राहुल नायक नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से पड़ोसी जिले खूंटी का रहने वाला है। राहुल इस अवैध धंधे की एक कड़ी बताया जा रहा है। सहायक उत्पाद आयुक्त उमा शंकर सिंह ने बताया कि राहुल से शुरुआती पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। उसने रांची और आसपास के जिलों में सक्रिय कई अन्य शराब तस्करों और निर्माण केंद्रों के नाम उगले हैं। विभाग ने इन फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक अलग टीम गठित कर दी है।

बाहरी जिलों में खपाने की थी तैयारी

अधिकारियों के अनुसार, इस नकली शराब की खेप को रांची से बाहर अन्य जिलों और ग्रामीण इलाकों में सप्लाई करने की योजना थी। शराब माफिया इस पूरी खेप को बाजार में उतारने ही वाले थे कि सटीक इनपुट ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। शराब के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल होने वाले दो वाहनों को भी जब्त किया गया है।

उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई से न केवल राजस्व की चोरी रुकी है, बल्कि मिलावटी शराब से होने वाली संभावित जनहानि को भी टाला गया है। सहायक उत्पाद आयुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में किसी भी तरह का अवैध शराब का कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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