Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार सुबह एक बार फिर अपराध और कानून के बीच आमना-सामना हुआ। कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के सदस्यों और पुलिस के बीच रातू थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान दोनों ओर से गोलियां चलीं। जवाबी कार्रवाई में गिरोह के दो अपराधी गोली लगने से घायल हो गए, जबकि दो अन्य को पुलिस ने पीछा कर धर दबोचा।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रवीन पुष्कर ने बताया कि खुफिया इनपुट मिला था कि राहुल दुबे गैंग के कुछ सदस्य रातू और खलारी थाना क्षेत्र की सीमा पर छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम को ठाकुर गांव इलाके में भेजा गया। जैसे ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की, अपराधियों ने गोली चलानी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें दो बदमाश घायल हो गए।
एसपी पुष्कर ने बताया कि कुख्यात अपराधी अमन साहू के मारे जाने के बाद अब राहुल दुबे ने इस गिरोह की कमान संभाल रखी है। यह गिरोह रांची और कोयलांचल क्षेत्र में रंगदारी वसूली, अवैध हथियारों की सप्लाई और धमकी भरे कॉल के लिए कुख्यात है। पुलिस की कई टीमों ने इस गैंग की गतिविधियों पर पिछले कुछ महीनों से नजर रखी थी।
रांची पुलिस का दावा है कि इस मुठभेड़ के बाद राहुल दुबे गिरोह की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब गिरोह के सरगना राहुल दुबे की तलाश में छापेमारी कर रही है। माना जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से इलाके में अपने नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश में था।
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को गिरोह के सदस्यों या उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।



