Lohardaga News : सोमवार को जिला परिसदन में आयोजित बैठक में झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष-सह-सदस्य शबनम परवीन ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों पर गंभीर चिंता जताते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से संबंधित शिकायतों का समाधान जिला स्तर पर ही किया जाना चाहिए ताकि अधिकतर मामलों का त्वरित निपटारा हो सके और लोगों को लंबी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।
शबनम परवीन ने कहा कि आम लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। अक्सर देखने में आता है कि शिकायत करने वाले कार्डधारियों के राशन कार्ड को डिलीट कर दिया जाता है या फिर उनका कार्ड किसी अन्य दुकानदार को ट्रांसफर कर दिया जाता है, जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को दंडित करने की बजाय उसकी समस्या का समाधान किया जाना चाहिए।
पंचायत स्तर पर आकस्मिक खाद्यान्न कोष का सही उपयोग करें
उन्होंने सभी पंचायतों में गठित आकस्मिक खाद्यान्न कोष के बेहतर उपयोग पर बल दिया और कहा कि यदि कोष की कमी हो तो ज़िला स्तर पर मांग भेजी जाए। इसके अलावा, प्रत्येक माह पंचायत स्तर पर मुखिया के साथ बैठक आयोजित की जाए ताकि योजनाओं की जानकारी और समस्याओं पर चर्चा की जा सके।
खाद्य सुरक्षा पर कार्यशालाएं और सूचना पट्ट अनिवार्य
शबनम परवीन ने कहा प्रखंड स्तर पर खाद्य सुरक्षा संबंधी जानकारी के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए जिससे अधिक से अधिक लोग जागरूक हों। उन्होंने पाया कि कई राशन दुकानों में सूचना पट्ट नहीं लगाए गए हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक दुकान पर दुकानदार का नाम, कार्डधारकों की संख्या और योजना अनुसार जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए।
राशन वितरण की पारदर्शिता जरूरी
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राशन वितरण के समय कार्डधारियों को ई-पॉश मशीन से निकलने वाली पर्ची अवश्य दी जाए, ताकि उन्हें यह जानकारी रहे कि उन्हें क्या और कितना राशन मिला है। अंत में, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की पात्र महिलाओं का पंजीकरण कर उन्हें समय पर लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया गया।



