Chitradurga : कर्नाटक की राजनीति शुक्रवार सुबह एक बार फिर हिल गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने कांग्रेस विधायक के.सी. वीरेंद्र के घर पर छापा मारा। ED की कार्रवाई चित्रदुर्ग जिले के चल्लकेरे कस्बे में वीरेंद्र और उनके भाइयों के.सी. नागराजा एवं के.सी. थिप्पेस्वामी के आवासों समेत चार जगहों पर हुई। निजी वाहनों से पहुँचे करीब 40 से अधिक अधिकारी तलाशी अभियान में जुटे हैं।

यह छापेमारी पुराने मामलों से जुड़ी मानी जा रही है। गौरतलब है कि 2016 में आयकर विभाग ने वीरेंद्र के घर से 5 करोड़ रुपये नकद और 30 किलो सोना जब्त किया था, जो उस वक्त सुर्खियों में रहा था।

इस बार ED की नजर खासतौर पर उन कंपनियों पर है, जिनसे विधायक का सीधा संबंध बताया जा रहा है। इनमें रत्ना गोल्ड, रत्ना मल्टी सोर्स, पप्पी टेक्नोलॉजी और रत्ना गेमिंग सॉल्यूशंस शामिल हैं। आरोप है कि इन कंपनियों के जरिए अवैध धन को गेमिंग ऐप्स के माध्यम से ट्रांसफर किया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इस वक्त चित्रदुर्ग, बेंगलुरु और गोवा समेत करीब 17 स्थानों पर ED की छापेमारी चल रही है। बताया जा रहा है कि विधायक वीरेंद्र इस समय विदेश में हैं, लेकिन ED की टीम उनके और उनके सहयोगियों की संपत्तियों के हर दस्तावेज और लेन-देन को खंगाल रही है। इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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