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दुमका | रिपोर्टर
झारखंड के दुमका जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जो समाज में आज भी जड़ें जमाए बैठे अंधविश्वास की भयावह तस्वीर पेश करती है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डुमरसोल गांव में सोमवार की ढलती शाम एक खूनी मंजर की गवाह बनी, जब एक युवक ने अपनी ही पड़ोसी 55 वर्षीय विधवा महिला, पक्कू हेंब्रम, की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर जान ले ली। इस वारदात के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।
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पुलिस जांच में जो कहानी निकलकर आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। आरोपी मुंशी टुडू पिछले काफी समय से मानसिक रूप से परेशान था और अपनी हर नाकामी के लिए इस बुजुर्ग महिला को जिम्मेदार मानता था। मुंशी की शादी 10 साल पहले हुई थी, लेकिन संतान न होने के कारण उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। पिछले साल उसके पिता का साया भी उसके सिर से उठ गया। इन तमाम दुखों का कारण उसने अपने मन में पाल रखे इस वहम को बना लिया कि वह महिला ‘डायन’ है और उसी ने उस पर जादू-टोना किया है।
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सोमवार को नफरत और अंधविश्वास का यह घड़ा भर गया। आरोपी ने बड़ी ही चालाकी से महिला को बहाने से अपने घर बुलाया और वहां पहले से तैयार डंडे से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई और आरोपी मुंशी टुडू को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार सुबह उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन यह घटना फिर से सवाल खड़ा करती है कि हम विकास के दौर में होकर भी इन कुरीतियों से कब आजाद होंगे।
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