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Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा थाना क्षेत्र के लिपुंगा गांव से सोमवार देर रात एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर आई, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। 72 वर्षीय सर्गिया बालमुचू और उनकी पत्नी 65 वर्षीय मुक्ता बालमुचू मंगलवार सुबह अपने ही आंगन में खटिया पर खून से लथपथ मृत पाए गए। सुबह खेत की ओर जाने वाले एक ग्रामीण ने उन्हें सामान्य रूप से लेटा देख शुरुआत में ध्यान नहीं दिया, लेकिन लौटते समय हलचल न होने पर उसने चादर हटाई और सामने पड़ा दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई।
गांव में लंबे समय से चल रहा था विवाद
लिपुंगा गांव के लोगों का कहना है कि मृतक दंपति पिछले कई महीनों से डायन-बिसाही के शक में परेशान किया जा रहा था। ग्रामीण बताते हैं कि गांव में अंधविश्वास के कारण आए दिन विवाद बढ़ रहा था। रविवार को ही पंचायत की एक बैठक में इसी मुद्दे पर दंपति पर पेनल्टी लगाई गई थी, जिसके बाद से माहौल और तनावपूर्ण हो गया था। पुलिस को शक है कि इसी विवाद ने रात में एक संगठित हमले का रूप ले लिया होगा।
हत्या में टांगी का इस्तेमाल, पुलिस को कई लोगों के शामिल होने का संदेह
गुवा थाना प्रभारी नीतिश कुमार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम से पहले ही यह साफ दिख रहा है कि हत्या टांगी से की गई है और हमला काफी नृशंस था। शुरुआती जांच में यह भी माना जा रहा है कि घटना को अंजाम देने वालों की संख्या एक से अधिक रही होगी। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया है और उन सभी ग्रामीणों की तलाश शुरू कर दी है जिनसे दंपति का विवाद चला आ रहा था।
गांव में दहशत, महिलाएं और बुजुर्ग डरे
दोहरी हत्या ने पूरे गांव को सहमा दिया है। खासकर बुजुर्ग और महिलाएं घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रही हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते विवाद को संभाला गया होता, तो शायद इस भयावह घटना को रोका जा सकता था।
अंधविश्वास पर बड़ा सवाल
लिपुंगा में हुई यह वारदात फिर साबित करती है कि ग्रामीण समाज में डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास कितनी बड़ी हिंसा में बदल सकते हैं। पुलिस का कहना है कि सभी एंगल से जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा भी किया गया है।

