Ranchi News : झारखंड पुलिस में इंस्पेक्टर से DSP (उप पुलिस अधीक्षक) के पद पर प्रमोशन को लेकर उठे विवाद पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को हुई सुनवाई में न्यायालय ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में लिए जाने वाले अंतिम निर्णय का प्रभाव प्रमोशन प्रक्रिया पर पड़ेगा।
दरअसल, पंकज भूषण और अन्य पुलिस अधिकारियों ने हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल कर JPSC को भेजी गई वरीयता सूची को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि वरिष्ठता सूची तैयार करने में गंभीर अनियमितताएं की गई हैं और कुछ अधिकारियों को जानबूझकर नीचे रखा गया है।
बता दें कि झारखंड पुलिस के 64 इंस्पेक्टरों को DSP पद पर प्रोन्नति दी जानी है। इस संबंध में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने पूरी रिपोर्ट JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) को भेज दी है, जहां से अंतिम रूप से प्रमोशन की अनुशंसा की जानी है। जल्द ही बोर्ड की बैठक बुलाकर प्रमोशन प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाना है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि इस वरीयता सूची के आधार पर प्रमोशन कर दिया गया, तो कई योग्य अधिकारियों के साथ अन्याय होगा। ऐसे में अदालत से अनुरोध किया गया है कि वह सूची की जांच कर उसका पुनर्मूल्यांकन कराए।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। सभी पक्षों से जवाब मिलने के बाद अदालत अगली सुनवाई में इस पर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।



