अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Hazaribagh News : जिले के चौपारण प्रखंड में पदस्थापित केंद्र के चिकित्सक प्रभारी डॉ. सतीश कुमार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई तब की गई, जब डॉक्टर सतीश 3,000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए। इस कार्रवाई के बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल, चौपारण प्रखंड के दादपुर गांव निवासी उज्जवल कुमार सिन्हा, जो एक ममता वाहन के मालिक हैं, ने डॉ. सतीश कुमार के खिलाफ ACB में शिकायत दर्ज कराई थी। उज्जवल ने अपनी शिकायत में कहा कि उसके ममता वाहन से जुड़ी सात महीने की सेवा का भुगतान लंबित था, जिसकी कुल राशि लगभग ₹25,000 थी। इस भुगतान को पास करने और बिलों पर हस्ताक्षर करने के लिए डॉ. सतीश कुमार ने उससे ₹5,000 की रिश्वत मांगी थी। उज्जवल कुमार ने इस रिश्वतखोरी की जानकारी सीधे ACB को दी, जिसके बाद ACB की टीम हरकत में आई और शिकायत की जांच के बाद जाल बिछाया गया।
ACB की त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तारी
जैसे ही उज्जवल कुमार ने डॉक्टर को 3,000 रुपये की पहली किस्त दी, ACB की टीम ने तत्काल दबिश देते हुए डॉक्टर सतीश कुमार को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद डॉक्टर सतीश को हिरासत में ले लिया गया और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ACB ने की पुष्टि
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के पुलिस अधीक्षक आरिफ इकराम ने डॉ. सतीश कुमार की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
इस गिरफ्तारी से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। आम जनता में यह संदेश गया है कि अब भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकारी सेवाओं के बदले रिश्वत मांगने की प्रवृत्ति पर ACB की यह कार्रवाई एक बड़ा संकेत है।

