Washington, (USA): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने लीक से हटकर फैसलों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अमेरिकी कूटनीति की सबसे पुरानी परंपराओं में से एक को बदल दिया है। जल्द ही अमेरिकी नागरिकों के पासपोर्ट पर राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीर और उनके हस्ताक्षर दिखाई देंगे। आमतौर पर किसी भी लोकतांत्रिक देश के पासपोर्ट पर वर्तमान राजनेता के बजाय ऐतिहासिक धरोहरों का चित्रण होता है, लेकिन ट्रंप का यह कदम अमेरिकी पहचान पर उनकी निजी छाप को दर्शाता है।
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कैसा होगा नया पासपोर्ट?— स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार, यह खास डिजाइन वाले पासपोर्ट जुलाई 2026 में अमेरिका के 250वें स्थापना दिवस के मौके पर जारी किए जाएंगे। इसके आंतरिक पन्नों पर दो विशेष छवियां होंगी:
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पहली छवि: राष्ट्रपति ट्रंप की आधिकारिक फोटो, जिसके बैकग्राउंड में ‘अमेरिकी स्वतंत्रता घोषणा-पत्र’ होगा और नीचे सुनहरे रंग के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे।
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दूसरी छवि: अमेरिका के संस्थापक पिताओं (Founding Fathers) की ऐतिहासिक पेंटिंग। फिलहाल यह सुविधा केवल वॉशिंगटन में ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर उपलब्ध होगी और इसके लिए नागरिकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
सत्ता का निजीकरण या नए युग की पहचान?— ट्रंप का यह फैसला पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। आलोचक इसे ‘सत्ता का निजीकरण’ और आत्म-प्रचार करार दे रहे हैं, वहीं समर्थकों का कहना है कि यह अमेरिका के नए और शक्तिशाली युग की पहचान है। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले अमेरिकी डॉलर के नोटों पर भी ट्रंप के हस्ताक्षर छापने की घोषणा हो चुकी है। अब तक अमेरिकी पासपोर्ट में ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ और ‘चंद्रमा पर मानव के पहले कदम’ जैसे दृश्यों को प्राथमिकता दी जाती थी, लेकिन अब वर्तमान राष्ट्राध्यक्ष की फोटो का जुड़ना एक असामान्य घटना मानी जा रही है।
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