Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के एनआईसी सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी अंचल अधिकारी, स्वास्थ्य पदाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारी बारिश के मद्देनज़र संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों की समीक्षा और राहत व्यवस्था को गति देना था।

उपायुक्त ने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश से जिन लोगों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें अविलंब नजदीकी सामुदायिक या सरकारी भवन में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जाए और इसकी सूचना तत्काल जिला कार्यालय को दी जाए। साथ ही उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश की दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यदि किसी स्थान पर एंटी वेनम की कमी है, तो उसकी सूची शीघ्र भेजने को कहा गया ताकि आपूर्ति में विलंब न हो।

मौजूदा वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत लंबित मुआवजा मामलों के शीघ्र निष्पादन का आदेश देते हुए उपायुक्त ने कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से जिला कार्यालय तक भेजे जाएं। इसके अलावा ग्रामीणों को सावधानी बरतने और तेज बहाव वाले जल स्रोतों से दूर रहने की सलाह दी जाए, ताकि डूबने की घटनाओं से बचा जा सके।

बैठक में विभिन्न आपदाओं पर दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि की जानकारी भी दी गई। मृत्यु की स्थिति में ₹4 लाख तक, घायल होने पर ₹16,000, पशु और मकान क्षति पर ₹37,500 तक तथा फसल क्षति पर ₹17,000 प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। सभी मुआवजा लाभ के लिए आवश्यक दस्तावेज समय से तैयार रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।

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