Ranchi News : रांची जिले में RTE (निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम) के अंतर्गत वंचित वर्ग के बच्चों के नामांकन में हो रही देरी को लेकर उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने 15 जुलाई 2025 को समाहरणालय सभागार में सभी निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में बताया गया कि जिले के 121 निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 25% सीटें RTE के तहत आरक्षित हैं। इस बार नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की गई, जिसमें 1744 आवेदन प्राप्त हुए थे। उनमें से 1158 वैध आवेदनों में से 672 बच्चों का चयन किया गया। लेकिन इनमें से अब तक केवल 493 नामांकन ही पूरे हो पाए हैं, जबकि 116 आवेदनों को स्कूलों द्वारा शिक्षा एडमिन को रिफर कर दिया गया।

उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों को तत्काल निपटाते हुए नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाए। यदि कोई आवेदन रद्द किया जाता है तो उसकी स्पष्ट वजह बताई जाए और वैध छात्रों की सूची भेजी जाए।

बैठक में DPS रांची को फटकार लगाई गई, क्योंकि उन्होंने अब तक 24 बच्चों का नामांकन “दस्तावेजों की कमी” के आधार पर नहीं किया और कोई वैध कारण नहीं दिया। इसके साथ ही बैठक में अनुपस्थित रहे स्कूलों जैसे संत अलोईस, संत अरविंदो, संत कोलंबस, छोटानागपुर पब्लिक स्कूल, जेवियर स्कूल धुर्वा, डॉन बॉस्को, आरबी स्प्रिंगडेल, आईटीसी पब्लिक स्कूल को भी कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए अंतिम चेतावनी दी गई।

उपायुक्त ने स्पष्ट कर दिया कि अगर नामांकन समय पर पूरे नहीं किए गए, तो संबंधित विद्यालयों की मान्यता रद्द करने की अनुशंसा की जाएगी। यह सख्ती आरटीई कानून को लागू करने और बच्चों के शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा के लिए की गई है।

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