Ranchi News : अंजुमन इस्लामिया रांची में लंबे समय से चुनाव न होने और बायलॉज की अनदेखी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अंजुमन बचाओ मोर्चा की अगुवाई में विभिन्न पंचायतों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने झारखंड राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि वक्फ बोर्ड अंजुमन इस्लामिया रांची को टेकओवर करे और पारदर्शी तरीके से चुनाव सुनिश्चित कराए।

मोर्चा ने कहा कि वर्तमान कार्यसमिति बीते तीन वर्षों से अंजुमन इस्लामिया के बायलॉज और वक्फ एक्ट का लगातार उल्लंघन कर रही है। तीन वर्षों में न तो आमसभा की कोई बैठक बुलाई गई और न ही आय-व्यय की कोई रिपोर्ट सार्वजनिक की गई। यह सीधे तौर पर संस्था के नियमों और पारदर्शिता की भावना का उल्लंघन है।

प्रतिनिधिमंडल ने 7 सूत्रीय ज्ञापन में यह भी मांग की कि अंजुमन इस्लामिया के कार्यक्षेत्र में रांची जिले के ग्रामीण इलाकों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि रांची और डोरंडा म्युनिसिपल क्षेत्र में अब 53 वार्ड हो चुके हैं और विगत 35-40 वर्षों में जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल में जबरदस्त विस्तार हुआ है। अंजुमन के मूल उद्देश्य वंचित और पासमांदा समाज को मुख्यधारा से जोड़ने को ध्यान में रखते हुए धुर्वा, हटिया, कांके, बरियातू और नयासराय जैसे इलाकों को भी प्रतिनिधित्व और मतदान का अधिकार दिया जाना चाहिए।

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि अंजुमन के बायलॉज की धारा-9 के अनुसार हर तीन माह में मजलिस-ए-मुंतजिमा की बैठक अनिवार्य है, लेकिन मौजूदा समिति ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज किया है। इसके अलावा धारा-26 के तहत आमसभा का आयोजन और वित्तीय रिपोर्ट प्रस्तुत करना भी अनिवार्य है, जिसे पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है।

महत्वपूर्ण यह है कि वर्तमान समिति का कार्यकाल 29 अगस्त 2025 को समाप्त हो रहा है, बावजूद इसके इलेक्शन कंवेनर का अब तक चयन नहीं किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि समिति चुनाव कराने की मंशा नहीं रखती, जिससे संस्था की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को खतरा है।

मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में रमजान कुरैशी, मास्टर सिद्दीक अंसारी, मोहम्मद शकील, अब्दुल हसीब, मोख्तार अहमद, मोहम्मद फिरोज, मोहम्मद अली, शमीम खान और मेराज अहमद शामिल थे।

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