Ranchi : झारखंड में अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।

मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि रांची के कटहल मोड़ पर दिनदहाड़े सीमेंट कारोबारी राधेश्याम साहू पर हुई गोलीबारी ने सरकार की विफलता को उजागर कर दिया है। उन्होंने लिखा कि “राज्य में अब कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं बची है। अपराधी खुलेआम गोलीबारी कर रहे हैं, जबकि पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।”

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लगातार कारोबारियों, डॉक्टरों और पेशेवरों पर हो रहे हमलों से व्यावसायिक समुदाय में भय का माहौल व्याप्त है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अब कारोबार करना खतरे से खाली नहीं रहा है। जब राजधानी रांची ही असुरक्षित है, तो राज्य के अन्य जिलों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।

मरांडी ने कहा कि धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहरों में अपराधी खुलेआम फायरिंग कर आतंक फैला रहे हैं। भयादोहन और रंगदारी वसूली की घटनाएं बढ़ रही हैं। “ऐसा प्रतीत होता है कि इस अवैध धंधे में पुलिस और सत्ताधारी दल के कुछ लोग भी हिस्सेदार हैं,” उन्होंने आरोप लगाया।

नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है। पुलिस प्रशासन अपराधियों पर अंकुश लगाने के बजाय वसूली में व्यस्त है। आम लोग और व्यापारी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

मरांडी ने राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी होनी चाहिए और पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अब भी स्थिति पर ध्यान नहीं दिया, तो झारखंड में व्यापार और निवेश करना बेहद कठिन हो जाएगा।

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति जिस तरह बिगड़ती जा रही है, उससे जनता का सरकार पर से भरोसा उठता जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह अपने राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करें, अन्यथा जनता उन्हें आने वाले चुनावों में जवाब देगी।

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