Ranchi : झारखंड की मंत्रिपरिषद की ताज़ा बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए हैं। इनमें सबसे बड़ा निर्णय पांच डॉक्टरों को उनके पदों से बर्खास्त करने का रहा। अधिकारियों के अनुसार यह कदम उन चिकित्सकों के पेशेवर आचरण और विभागीय नियमों के उल्लंघन के चलते उठाया गया।

सूत्रों ने बताया कि डॉ. फरहाना, जो कि गिरिडीह के सदर अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत थीं, को सेवा से बर्खास्त किया गया है। इसके अलावा डॉ. ज्योति कुमारी, जो पहले बालकुश (टुण्डी), धनबाद में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात थीं, को अब प्रतिनियुक्ति के दौरान तोपचांची, धनबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से हटाने की स्वीकृति दी गई।

इसी तरह, कोडरमा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मरकच्चो में कार्यरत डॉ. भावना को भी सेवा से बर्खास्त किया गया। साहेबगंज के सदर अस्पताल में तैनात डॉ. इन्द्रनाथ प्रसाद को सेवा से हटाने की मंजूरी मिली है। वहीं, बोकारो के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, चंदनकियारी में डॉ. रिंकु कुमारी सिंह की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और मरीजों के हित में उठाया गया है। हालांकि, इस फैसले के बाद संबंधित अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों और मरीजों में असमंजस की स्थिति बनी है।

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं में कोई व्यवधान नहीं होगा और आवश्यकतानुसार नए चिकित्सक जल्द ही तैनात किए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई विभाग की कड़ी और पारदर्शी नीति का प्रतीक है, लेकिन इसे लागू करने में प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है। मंत्रिपरिषद ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि जनता को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा मिलती रहे।

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