अपनी भाषा चुनेें :
रांची। झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने दिल्ली में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर ग्रामीण रोजगार, मनरेगा और पेसा कानून जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। यह मुलाकात झारखंड के ग्रामीण मजदूरों और किसानों के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पहले की तरह नियमित और समयबद्ध रोजगार उपलब्ध रहे। मंत्री तिर्की ने मनरेगा से जुड़े झारखंड के अनुभव साझा करते हुए मजदूरों को हो रही परेशानियों, भुगतान में देरी और बढ़ती बेरोजगारी की चुनौतियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस संगठन जमीनी स्तर पर आंदोलन के माध्यम से केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगा।
इसके साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में लागू पेसा कानून की अहमियत पर भी गहन चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि पेसा नियमावली से ग्राम सभाओं को मिले अधिकारों का सही और प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। इस दिशा में कांग्रेस संगठन गांव-गांव तक जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएगा।
मुलाकात के दौरान झारखंड में कृषि, पशुपालन और सहकारिता विभाग की उन योजनाओं पर भी चर्चा हुई, जिनका उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, नवाचार से जोड़ना और उनके उत्पादों को उचित मूल्य दिलाना है। मंत्री तिर्की ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य, केंद्र और संगठन के बीच बेहतर समन्वय समय की मांग है, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों और मजदूरों तक पहुंच सके।



