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Interesting News: चीन के शिचुआन प्रांत में स्थित यांग्सी गांव को आज दुनिया ‘सबसे शापित गांव’ या ‘बौनों का गांव’ कहकर जानती है। यह गांव किसी ऐतिहासिक इमारत या प्राकृतिक सौंदर्य के लिए नहीं, बल्कि यहां रहने वाले लोगों के असामान्य शारीरिक विकास के कारण चर्चा में है।
यांग्सी गांव की सबसे चौंकाने वाली सच्चाई यह है कि यहां की आधे से अधिक आबादी की लंबाई महज 2 से 3 फीट के बीच है। हैरानी की बात यह है कि गांव में जन्म लेने वाले बच्चे शुरू में पूरी तरह सामान्य दिखाई देते हैं। लेकिन जैसे ही वे 5 से 7 साल की उम्र तक पहुंचते हैं, उनकी लंबाई बढ़नी अचानक बंद हो जाती है। इसके बाद जीवनभर उनका कद लगभग वही रह जाता है।
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स्थानीय रिकॉर्ड और रिपोर्ट्स के मुताबिक यह रहस्यमय स्थिति साल 1951 के बाद से लगातार देखी जा रही है। बीते छह दशकों में कई पीढ़ियां इस समस्या से जूझ चुकी हैं, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस कारण सामने नहीं आ सका है।
इस अजीबोगरीब घटना ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को भी उलझा दिया है। हाल ही में बनी एक डॉक्यूमेंट्री के दौरान विशेषज्ञों की टीम ने गांव की मिट्टी, पीने के पानी, हवा और यहां उगने वाले अनाज तक की गहन जांच की। आधुनिक लैब टेस्ट और तकनीकों के बावजूद ऐसा कोई वैज्ञानिक या चिकित्सकीय कारण नहीं मिला, जो इस सामूहिक बौनेपन को पूरी तरह समझा सके।
विशेषज्ञ इसे ‘स्टंटेड ग्रोथ’ यानी शारीरिक वृद्धि रुकने का मामला मानते हैं, लेकिन सवाल यह है कि यह समस्या केवल इसी गांव तक सीमित क्यों है। गांव के बुजुर्ग इसे पीढ़ियों पुराना श्राप मानते हैं। लोक कथाओं के अनुसार, पूर्वजों को गलत समय या गलत नक्षत्र में दफनाने से यह विपत्ति आई।
कुछ इतिहासकारों का मानना है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान द्वारा किए गए रासायनिक प्रयोगों या जहरीली गैस का असर इस क्षेत्र पर पड़ा हो सकता है, जिससे लोगों के डीएनए में बदलाव आया। 1950 के दशक में यहां फैली एक रहस्यमयी बीमारी को भी इसकी वजह माना जाता है।
हाल के वर्षों में वैज्ञानिकों ने जेनेटिक म्यूटेशन की दिशा में जांच तेज की है, लेकिन 60 साल से ज्यादा पुराने इस रहस्य की परतें अब तक पूरी तरह नहीं खुल सकी हैं।

