Chatra: झारखंड के चतरा जिले में हुए एयर एम्बुलेंस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के अगले दिन मंगलवार को भी सिमरिया की कसारी पंचायत स्थित करम टांड़ के जंगलों में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। आलम यह है कि चतरा ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों हजारीबाग, लातेहार और पलामू से भी लोग कई किलोमीटर का दुर्गम पहाड़ी सफर तय कर विमान का मलबा देखने पहुंच रहे हैं।

धमाके से कांप उठी थी धरती

कसारी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उगम भुइयां ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा भयावह दृश्य देखा है। सोमवार की शाम जब विमान हवा में लड़खड़ाते हुए नीचे गिरा, तो उसकी आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर तक लोग दहल गए। ग्रामीणों को पहले कुछ समझ नहीं आया, लेकिन जब धुएं का गुबार उठा तो अनहोनी की आशंका गहरा गई।

ग्रामीणों ने रातभर चलाया सर्च ऑपरेशन

हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने मिसाल पेश की। टॉर्च लेकर छोटी-छोटी टोलियां बनाई गईं और घने अंधेरे के बीच कटीली झाड़ियों को पार करते हुए ग्रामीण मलबे तक पहुंचे। ग्रामीणों की सूचना पर ही प्रशासन मौके पर पहुंच सका। मंगलवार को दिनभर यहां राजनेताओं और बड़े अधिकारियों का तांता लगा रहा। भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब मलबे के चारों ओर घेराबंदी कर दी है ताकि कोई भी सबूतों या विमान के हिस्सों के साथ छेड़छाड़ न कर सके।

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प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो वह मंजर इतना डरावना था कि लोग अब भी उस आवाज को याद कर सिहर उठते हैं। फिलहाल, पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है और ब्लैक बॉक्स की तलाश के लिए एक्सपर्ट्स की टीम का इंतजार किया जा रहा है।

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