Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम के तांबो चौक पर नो-इंट्री की मांग को लेकर शांतिपूर्ण धरना पर बैठे आदिवासियों पर पुलिस द्वारा हुई बर्बर कार्रवाई की भारत आदिवासी पार्टी, पश्चिमी सिंहभूम ने तीव्र निंदा की है। भारत आदिवासी पार्टी पश्चिम सिंहभूम के जिलाध्यक्ष सुशील बारला ने प्रेस विज्ञप्ति में इसे लोकतंत्र के खिलाफ हमला और आदिवासियों के प्रति निंदनीय कृत्य बताया। उन्होंने इस घटना की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।

आदिवासियों की मांग और पुलिसिया कार्रवाई

जिलाध्यक्ष सुशील बारला ने कहा कि पिछले एक साल में इस क्षेत्र के ग्रामीण कई बार भारी वाहनों की चपेट में आने से अपनी जान गंवा चुके हैं, जिसकी संख्या 150 से अधिक है। इसी कारण से ग्रामीणों ने भारी वाहनों पर नो-इंट्री लगाने के लिए धरना दिया था। लेकिन पुलिस ने इस शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर अप्रत्याशित और अत्यंत निर्मम कड़े बल प्रयोग किए।

सरकार और पुलिस पर सख्त आरोप

सुशील बारला ने आरोप लगाया कि यह पुलिस कार्रवाई षड्यंत्र के तहत की गई और इसका मकसद आदिवासियों को दमित करना था। उन्होंने कहा कि कोल्हान क्षेत्र से सरकार को अधिक जनप्रतिनिधि मिलने के बावजूद जनता की आवाज दबाई जा रही है, जो कोल्हान के लिए शर्म की बात है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई।

आगे की कार्रवाई की मांग

भारत आदिवासी पार्टी ने सरकार से अपील की है कि वह इस मामले में त्वरित और सख्त कदम उठाए ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके। साथ ही आदिवासी समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी मांगों को पहचानने का आग्रह किया गया है।

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