World News: कभी कनाडा भारतीय युवाओं के सपनों की पहली मंज़िल माना जाता था — पढ़ाई, नौकरी, और बेहतर जीवन के लिए। लेकिन अब धीरे-धीरे तस्वीर बदल रही है। ओटावा से आई ताज़ा खबर ने उन लाखों भारतीयों को चिंता में डाल दिया है जो वीजा अप्लाई करने की सोच रहे हैं।

कनाडाई सरकार संसद में एक नया विधेयक लाने की तैयारी में है, जिसके तहत मंत्रियों को बड़े पैमाने पर अस्थायी वीजा रद्द करने की शक्ति मिल जाएगी। सीधे शब्दों में कहें तो — अगर ये कानून पास हो गया तो हजारों वीजा एक ही दिन में रद्द हो सकते हैं।

सरकार का तर्क है कि यह कदम धोखाधड़ी रोकने और सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए है, खासकर भारत जैसे देशों से आने वाले फर्जी आवेदनों को रोकने के लिए। इस प्रस्ताव पर पहले से ही इमिग्रेशन वकीलों और विशेषज्ञों की नज़र है, क्योंकि इससे
स्टूडेंट वीजा, वर्क वीजा और टूरिस्ट वीजा — तीनों प्रभावित हो सकते हैं।

भारतीय छात्रों पर सबसे बड़ा असर

रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2025 में भारतीय छात्रों के 74% स्टडी परमिट रिजेक्ट हो चुके हैं, जबकि 2023 में यह दर सिर्फ 32% थी। यानी कनाडा का दरवाज़ा अब धीरे-धीरे भारतीय छात्रों के लिए बंद होता जा रहा है। कई छात्रों ने सालों की मेहनत, फीस और सपने दांव पर लगा दिए हैं — और अब उन्हें दोबारा सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

सरकार पर दबाव और बदलता माहौल

कनाडा में फिलहाल नई सरकार है और प्रवासन विरोधी भावनाएँ बढ़ी हैं। महंगाई, हाउसिंग क्राइसिस और बेरोज़गारी के चलते लोग नए आने वालों पर उंगली उठा रहे हैं। इसी वजह से प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की सरकार अब नए लोगों की संख्या कम करने पर काम कर रही है, चाहे वो स्थायी निवासी हों या अस्थायी।

क्या आने वाले दिनों में हालात और कठिन होंगे?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून पास होने के बाद स्थिति और सख्त हो सकती है। हज़ारों भारतीय जो पहले से आवेदन किए बैठे हैं, अब हर दिन अनिश्चितता में जी रहे हैं।

इस बदलाव से कनाडा की इमिग्रेशन पॉलिसी का रुख साफ दिखता है — अब वहां जाना मुश्किल होगा, खासकर बिना ठोस प्लान और भाषा/डॉक्यूमेंटेशन के।

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