Jharkhand News: रेलवे स्टेशनों पर टिकट खुद बुक करने वाली मशीनें तो आम बात हो गई हैं, लेकिन अब ऐसी सुविधा झारखंड के प्रमुख डाकघरों में भी मिलने जा रही है। डाक विभाग ने राज्य में डिजिटल बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सेल्फ बुकिंग कियोस्क मशीनें लगाने की योजना बनाई है। पहले चरण में यह सुविधा रांची, जमशेदपुर, धनबाद और देवघर के प्रधान डाकघरों में शुरू की जाएगी।

बिष्टुपुर स्थित प्रधान डाकघर में इस आधुनिक मशीन की स्थापना हो चुकी है। वरीय डाकपाल शंकर कुजूर ने बताया कि यह सुविधा जल्द ही आम जनता के लिए शुरू की जाएगी, जिससे लोग स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री की बुकिंग बिना लाइन में लगे और कर्मचारियों पर निर्भर हुए खुद कर सकेंगे।

कैसे काम करेगी यह मशीन?

नई मशीन की मदद से ग्राहक स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया खुद कर पाएंगे:

  • पैकेट का वजन जांचना

  • शुल्क की गणना और भुगतान

  • रसीद प्रिंट करना

  • पैकेट को मशीन में जमा करना

यह प्रक्रिया बिल्कुल उसी तरह होगी जैसे रेलवे स्टेशनों पर टिकट बुकिंग मशीन में टिकट निकाला जाता है।

ग्राहकों को क्या होंगे फायदे?

  • लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत खत्म।

  • कर्मचारियों पर निर्भरता कम होगी।

  • पूरी प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी बनेगी।

  • भविष्य में 24×7 सेवा देने की दिशा में डाक विभाग का कदम।

डाक विभाग में डिजिटल बदलाव की बयार

वरिष्ठ डाकपाल शंकर कुजूर ने बताया कि डाक विभाग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में बड़े बदलाव कर रहा है। इसी कड़ी में 21 जुलाई को कोल्हान के 727 डाकघरों में कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा। इनमें 71 उप-डाकघर, 646 ग्रामीण शाखाएं और दो प्रधान डाकघर शामिल हैं।

आईटी 2.0 एप्लिकेशन से होगा सिस्टम अपडेट

डाक विभाग देशभर में आईटी 2.0 एप्लिकेशन लागू कर रहा है। इसका इंस्टॉलेशन 20 जुलाई को होगा, जबकि 21 जुलाई को सिस्टम माइग्रेशन, डेटा ट्रांसफर और तकनीकी कॉन्फिगरेशन का कार्य होगा। इस दौरान सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी।
अधिकारियों के अनुसार, नई प्रणाली लागू होने के बाद डाकघरों की सेवाओं में गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।

डाक विभाग का लक्ष्य है कि इस पहल से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को त्वरित और सुलभ सेवाएं मिलें। आने वाले समय में और भी शहरों में ऐसी मशीनें लगाने की योजना है, जिससे ग्राहक डिजिटल इंडिया के लक्ष्य की दिशा में एक कदम आगे बढ़ सकें।

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