Ranchi News : झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने सोमवार को बोकारो स्टील प्लांट से जुड़े विविध मसलों पर स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के चेयरमैन अमरेंद्र प्रकाश और संबंधित विभागों के सचिवों के साथ अहम बैठक की। बैठक में स्थानीय जनता के हितों और विकास कार्यों में उनकी भागीदारी को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि बोकारो स्टील प्लांट पारदर्शिता के साथ समन्वय स्थापित करे और स्थानीय लोगों की भावनाओं का ध्यान रखे। उन्होंने कहा कि प्लांट द्वारा प्रशिक्षित युवाओं को उनकी योग्यतानुसार रोजगार भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

पुनर्वास और पंचायत पुनर्गठन पर चर्चा
बैठक में विस्थापितों से जुड़े मामलों पर गंभीर चर्चा हुई। बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने बताया कि चास ब्लॉक की 9 पंचायतों के पुनर्गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास है, जिससे 20 पुनर्वास वंचित गांवों को अधिकार मिल सकें। हालांकि, सेल इस पर सहमति नहीं दे रहा था। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि जिन अधिग्रहित जमीनों पर भविष्य में विस्तार संभव नहीं, उन पर सरकारी मकान बनाकर लोगों को बसाया जाए।

अप्रयुक्त वन भूमि का सीमांकन और हस्तांतरण
बैठक में 756.94 एकड़ अप्रयुक्त वन भूमि को वन विभाग को लौटाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सेल और वन विभाग मिलकर सीमांकन करें। वन सचिव ने कहा कि पिलरिंग का खर्च यदि सेल वहन करे, तो प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सकती है। इस पर चेयरमैन ने सहमति जताई।

बोकारो को टॉप-10 शहरों में लाने का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने कहा कि बोकारो स्टील सिटी को देश के टॉप-10 व्यवस्थित शहरों में लाया जाए। उपायुक्त ने इसके लिए प्रस्ताव रखा और चेयरमैन ने सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि शहर के 1932 एकड़ क्षेत्र में अतिक्रमण बड़ी समस्या है, लेकिन इसके समाधान और विस्तारीकरण के लिए 20,000 करोड़ रुपये की योजना तैयार है।

गरगा डैम पर पर्यटन और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर भी चर्चा
गरगा डैम की मरम्मति और वहां पर्यटन विकास की संभावनाएं भी समीक्षा का हिस्सा रहीं। साथ ही अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की बाधाओं को राजस्व सचिव के साथ मिलकर सुलझाने का निर्णय लिया गया।

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