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Bengaluru: कर्नाटक में एक निजी बस के आग का गोला बनने से बड़ा हादसा होते-होते बचा। यह बस होसानगर से बेंगलुरु की ओर जा रही थी, तभी रास्ते में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि समय रहते सभी 36 यात्रियों को बस से सुरक्षित उतार लिया गया, वरना जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।
नींद में थे यात्री, अचानक उठा धुआं
जानकारी के अनुसार, हादसा तब हुआ जब बस में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में सोए हुए थे। अचानक बस के इंजन से काला धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते लपटें पूरी बस में फैल गईं। आग की तपिश और चीख-पुकार सुनकर यात्रियों की नींद खुली, जिससे बस के भीतर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अपनी जान बचाने के लिए यात्री खिड़कियों और दरवाजों से बाहर की ओर कूदने लगे।
ड्राइवर की बहादुरी और सूझबूझ
हादसे के वक्त बस काफी रफ्तार में थी, लेकिन आग भड़की देख चालक ने आपा नहीं खोया और सूझबूझ दिखाते हुए बस को तत्काल सड़क के किनारे सुरक्षित खड़ा कर दिया। इस अफरा-तफरी में लगभग 10 यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, बस में रखा यात्रियों का कीमती सामान और बैग्स जलकर पूरी तरह राख हो गए।
फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले सब खाक
आग इतनी तेजी से फैली कि जब तक दमकल विभाग (Fire Brigade) की टीम मौके पर पहुंचती, तब तक बस पूरी तरह जलकर लोहे का ढांचा बन चुकी थी। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और बस के फिटनेस व अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Standards) की जांच शुरू कर दी है।
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