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Ranchi News : हिंदूवादी नेता भैरव सिंह को सिविल कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाई। सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी।
भैरव सिंह की ओर से अधिवक्ता कीर्ति सिंह ने कोर्ट में कहा कि उनके मुवक्किल को बेवजह इस मामले में फंसाया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में रखने का कोई ठोस कारण नहीं है। उन्होंने कोर्ट से भैरव सिंह को जमानत देने का आग्रह किया।
वहीं, मामले के सूचक की ओर से अधिवक्ता अमन कुमार राहुल ने कोर्ट में यह दलील दी कि भैरव सिंह के खिलाफ रांची के विभिन्न थानों में कई मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं और वर्तमान मामले में भी उनकी सीधी भूमिका है। इसलिए उन्हें जमानत देना मामले की जांच और कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिविल कोर्ट ने भैरव सिंह की जमानत याचिका खारिज करने का आदेश पारित किया।
गौरतलब है कि हाल ही में चुटिया थाना क्षेत्र के सुजाता चौक स्थित बिग बाजार इलाके में पार्किंग ठेकेदारी को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद ने सड़क पर हिंसक रूप ले लिया, जिसमें मारपीट की घटना हुई। पुलिस ने मामले में भैरव सिंह को गिरफ्तार किया था।
इस संबंध में चुटिया थाना में कांड संख्या 125/2025 दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार, पार्किंग ठेका विवाद में भैरव सिंह की अहम भूमिका रही थी। गिरफ्तारी के बाद से ही उनके समर्थक और अधिवक्ता जमानत के लिए प्रयासरत थे, लेकिन कोर्ट ने आज यह स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल उन्हें जमानत नहीं दी जाएगी।
पुलिस का कहना है कि भैरव सिंह के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उनकी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती रही हैं। ऐसे में जमानत मिलने से मामले की जांच प्रभावित हो सकती थी।
कोर्ट के इस फैसले के बाद, मामले की आगे की सुनवाई तय समय पर जारी रहेगी और पुलिस द्वारा की जा रही जांच में तेजी लाई जाएगी।

