Social News: दुनिया भर के शराब प्रेमियों के बीच बकार्डी (Bacardi) रम अपनी अनोखी गुणवत्ता, नवाचार और मजबूत ब्रांड पहचान की वजह से वैश्विक स्तर पर ‘रम का राजा’ की अपनी प्रतिष्ठा बनाए हुए है। यह सफर डोमिनिकन गणराज्य की एक छोटी डिस्टिलरी से शुरू होकर आज 200 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है।

इस मशहूर ब्रांड की स्थापना 1862 में क्यूबा में डॉन फैकुंडो बकार्डी (Bacardi) ने की थी। उन्होंने रम बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया में सुधार किया और एक नई तकनीक विकसित की, जिसने पहले के कड़क और तीखी पेय को एक स्मूथ, संतुलित और बेहद स्वादिष्ट ड्रिंक में बदल दिया। इसी बदलाव ने बकार्डी (Bacardi) रम को बाज़ार में एक अलग पहचान दी।

क्यूबा से प्यूर्टो रिको और मेक्सिको तक का सफर

कंपनी ने जल्द ही अपने उत्पादन को क्यूबा से बाहर बढ़ाने की रणनीति अपनाई। सबसे पहले प्यूर्टो रिको में कारखाना शुरू किया, जिससे टैरिफ-फ्री निर्यात सुनिश्चित हुआ। इसके बाद मेक्सिको दूसरा देश बना जिसने क्यूबा के बाहर बकार्डी (Bacardi) का उत्पादन शुरू किया।

आज प्यूर्टो रिको के काटानो में स्थित बकार्डी (Bacardi) की डिस्टिलरी दुनिया की सबसे बड़ी प्रीमियम रम निर्माण इकाई है। दिलचस्प तथ्य यह है कि क्यूबा में शराब उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद बकार्डी (Bacardi) अब वहां उपलब्ध नहीं है।

कॉकटेल किंग और भारतीय बाज़ार

बकार्डी (Bacardi) रम का स्वाद उसकी सबसे बड़ी ताकत है। इसे फर्मेंटेड गन्ने के रस या गुड़ से तैयार किया जाता है और इसमें हल्की मिठास के साथ बॉटनिकल नोट्स होते हैं, जो इसे अनोखा बनाते हैं। माई टाइ, डायमंड डाई और पिना कोलाडा जैसे कई मशहूर कॉकटेल बकार्डी (Bacardi) रम से ही तैयार किए जाते हैं।

बकार्डी (Bacardi) ने 1979 में बिक्री का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया, जब इसने वैश्विक स्तर पर 1.6 करोड़ 9-लीटर केस बेचे। आज भी इसकी वार्षिक बिक्री 17 से 18 मिलियन केस के आसपास रहती है। कंपनी ने 4 फरवरी 2012 को अपनी 150वीं वर्षगांठ मनाई, जो किसी भी शराब ब्रांड के लिए एक दुर्लभ उपलब्धि है।

भारत भी बकार्डी (Bacardi) के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बाज़ार बन चुका है। बिक्री के मामले में भारत अब अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है।

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