अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
World News: अमेरिका के इतिहास में जेएफके की हत्या सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि एक रहस्य बन गई है जो 61 साल बाद भी सुलझ नहीं पाया। 22 नवंबर 1963 को डलास में गोलीबारी हुई और चंद सेकंड में दुनिया ने एक करिश्माई नेता को खो दिया। मगर इस पूरे हत्याकांड में एक चेहरा ऐसा है जो आज भी जांच एजेंसियों को उलझाए हुए है- ‘बबुश्का लेडी’।
घटनास्थल पर मौजूद रहस्यमयी महिला
जेएफके पर गोली चलने के दौरान पुलिस और मीडिया की ली गई फुटेज की जांच में बार-बार एक महिला दिखाई दी। सिर पर स्कार्फ (जिसे रूसी में बबुश्का कहते हैं) बाँधे वह महिला ठीक उसी क्षण कैमरे के पीछे खड़ी दिखती है जब गोली चली। उसका चेहरा पूरी तरह ढका हुआ था, जिससे उसकी पहचान आज तक सामने नहीं आ सकी।
जांच टीमों ने पाया कि उसके हाथ में कोई उपकरण था- जो दिखने में कैमरा लगता था। लेकिन संदेह था कि कहीं यह कोई विशेष हथियार न हो। इसी शक ने इस महिला को पूरी घटना का सबसे बड़ा रहस्य बना दिया।
हार्वी ऑस्वाल्ड और बाकी थ्योरीज़
सरकारी जांच का निष्कर्ष हार्वी ऑस्वाल्ड पर जाकर रुक गया था। लेकिन बाद में उसकी हिरासत में ही हत्या हो गई, और यहीं से साजिश की थ्योरीज़ बढ़ने लगीं। कुछ ने इसे क्यूबा से जोड़ दिया, कुछ ने रूस की KGB से, तो कुछ ने कहा कि ऑस्वाल्ड अकेला नहीं था।
बबुश्का लेडी ने इन सभी शक-संदेहों को और गहरा कर दिया। कई लोगों ने उसे विदेशी जासूस बताया, कुछ ने दावा किया कि उसका जेएफके से कोई निजी रिश्ता था। पर इनमें से किसी भी बात की आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं हुई।
कैमरे में क्या कैद हुआ था, कोई नहीं जानता
सबसे बड़ा रहस्य यह है कि उस महिला का फुटेज या कैमरा कभी बरामद नहीं हुआ। वह जैसे आई थी, वैसे ही भीड़ में गायब हो गई।
अगर वह कैमरा मिल पाता, तो शायद जेएफके की हत्या की असली कहानी दुनिया कभी जान पाती। आज भी यह मामला अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ी अनसुलझी पहेली माना जाता है।

