रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन हंगामेदार रहा। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे प्रहार किए। मरांडी ने राज्य की कानून-व्यवस्था, नियुक्तियों में अनियमितता और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाकर सत्तापक्ष को बैकफुट पर धकेलने की कोशिश की।

जमीन और आदिवासियों के हक पर सवाल

मरांडी ने विशेष रूप से जसीडीह और संताल परगना का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि उद्योग के नाम पर आदिवासी किसानों की उपजाऊ जमीन छीनी जा रही है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जिस ‘जल-जंगल-जमीन’ के लिए भगवान बिरसा मुंडा और सिद्धो-कान्हू ने शहादत दी, आज उसी राज्य में आदिवासियों को अपनी जमीन से बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि जसीडीह जमीन मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जाए, अन्यथा विपक्ष सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा।

भ्रष्टाचार और शराब घोटाले पर घेराबंदी

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए मरांडी ने कहा कि राज्य में बिना चार्जशीट दाखिल किए लोगों को जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने शराब घोटाले और खनिज संपदा की अवैध निकासी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जो मामले न्यायालय के विचाराधीन हैं, उन पर सदन में चर्चा करना उचित नहीं है।

मरांडी ने आगे आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार और उसकी नीतियों को ढाल बना रही है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद जैसे लोकायुक्त और सूचना आयुक्त सालों से खाली पड़े हैं, जिससे भ्रष्टाचार रोकने के प्रावधान बेअसर साबित हो रहे हैं।

किसानों की बदहाली और ‘रिम्स-2’ पर विवाद

कृषि क्षेत्र पर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि धान अधिप्राप्ति का लाभ वास्तविक किसानों के बजाय बिचौलियों को मिल रहा है। सरकार केवल 28 प्रतिशत किसानों तक पहुँचने का दावा करती है, जो बेहद निराशाजनक है।

इसी बीच, मंत्री इरफान अंसारी के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। ‘रिम्स-2’ अस्पताल के मुद्दे पर मरांडी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष अस्पताल के खिलाफ नहीं है, लेकिन उपजाऊ जमीन को बर्बाद कर इसे बनाना गलत है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसे 20 किलोमीटर दूर स्थित बंजर भूमि पर बनाया जाना चाहिए ताकि किसानों का नुकसान न हो।

डीजीपी नियुक्ति और अवैध खनन

मरांडी ने डीजीपी की नियुक्ति को नियमों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि अयोग्य पदाधिकारियों को ऊंचे पदों पर बैठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि खनिज ढोने वाले वाहनों में ‘ट्रैकिंग सिस्टम’ लगाने की घोषणा का क्या हुआ? अंत में, विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

Share.
Exit mobile version