Ranchi News : झारखंडी कलाकार मंच, रांची के प्रतिनिधियों ने 21 जुलाई 2025 को समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में पहुंचकर उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से लोकसंगीत में बढ़ रही अश्लीलता, फूहड़ता और सांस्कृतिक प्रदूषण को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

मंच ने बताया कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान उसकी लोकभाषाओं, आदिवासी परंपराओं और समृद्ध विरासत में निहित है। परंतु बीते कुछ वर्षों में लोकसंगीत में अभद्र भाषा, नारी-विरोधी प्रस्तुति और संस्कारहीन सामग्री ने इस सांस्कृतिक गौरव को गहरा आघात पहुँचाया है। इससे विशेषकर युवा पीढ़ी पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

कलाकार मंच ने उपायुक्त के समक्ष माँगें रखीं:

  1. अश्लील और फूहड़ गीतों के निर्माण और प्रचार पर प्रभावी रोक लगे।
  2. मंचीय कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पर प्रशासनिक निगरानी हो।
  3. यूट्यूब और सोशल मीडिया पर अशोभनीय सामग्री हटाने हेतु साइबर सेल तुरंत कार्रवाई करे।
  4. आयोजकों और कलाकारों के लिए लोकसंस्कृति को ध्यान में रखते हुए दिशा-निर्देश जारी हों।
  5. सकारात्मक और प्रेरणादायक लोकगीतों को प्रोत्साहित किया जाए।

मंच ने यह भी माँग की कि सरकारी कार्यक्रमों में स्थानीय झारखंडी कलाकारों को प्राथमिकता मिले।

प्रशासन का आश्वासन
उपायुक्त श्री भजन्त्री ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए कहा कि झारखंड की सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए प्रशासन कड़ी और नियमबद्ध कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण को निर्देश दिए जाएंगे ताकि फूहड़ता और अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों पर निगरानी रखी जा सके।

ध्वनि प्रदूषण पर भी होगी सख्ती
ज्ञापन में ग्रामीण इलाकों में DJ के अत्यधिक उपयोग की समस्या भी उठाई गई। मंच ने कहा कि देर रात तक तेज आवाज में बजते गानों से वृद्ध और बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। इस पर उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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