रांची: राजधानी के सरकारी विद्यालयों से आज एक ऐसी तस्वीर निकलकर सामने आई, जो आमतौर पर केवल बड़े निजी स्कूलों में ही देखने को मिलती थी। जिला प्रशासन की अनूठी पहल पर रांची जिले के लगभग 2000 सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 का भव्य वार्षिकोत्सव (Annual Day) मनाया गया। इस उत्सव में जिले भर के 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

निजी स्कूलों की तर्ज पर मंच और सम्मान

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रांची, मंजूनाथ भजंत्री स्वयं कांके रोड स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय (नवीन आरक्षी) के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी की जागीर नहीं होती। उन्होंने कहा, “पहले केवल प्राइवेट स्कूलों में ही वार्षिकोत्सव की परंपरा थी, लेकिन हमारे सरकारी स्कूल के बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं। उन्हें बस एक मंच की जरूरत थी, जो जिला प्रशासन ने उपलब्ध कराया है।”

ड्रॉप-आउट पर लगाम और नई ऊर्जा का संचार

प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा, बल्कि स्कूलों में ‘ड्रॉप-आउट’ की समस्या भी कम होगी। जब अभिभावक अपने बच्चों को मंच पर प्रदर्शन करते देखते हैं, तो उनका विश्वास सरकारी शिक्षा प्रणाली के प्रति और मजबूत होता है।

प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी

  • राजकीय मध्य विद्यालय, बरियातू: यहां उप विकास आयुक्त सौरभ कुमार भुवनिया मुख्य अतिथि रहे। उनके साथ पद्मश्री मुकुंद नायक ने भी शिरकत की और बच्चों के लोक नृत्य व संगीत की सराहना की।

  • राजकीयकृत मध्य विद्यालय, जगन्नाथपुर: यहां झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

पूरे जिले में कुल 30,000 से अधिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें झारखंड की लोक संस्कृति, नाटक, गायन और कविता पाठ शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजें। इस सफल आयोजन के साथ ही अब सभी स्कूल पूरे जोश के साथ नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों में जुट गए हैं।

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