Health Desk: महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर समस्या यूट्रस फायब्रॉइड (गर्भाशय की गांठें) तेजी से सामने आ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक वजन वाली महिलाओं को इसका खतरा सबसे ज्यादा रहता है। शुरुआत में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन फायब्रॉइड का आकार, उनकी संख्या और गर्भाशय में उनकी जगह के आधार पर शरीर में कई बदलाव दिखने लगते हैं।

Read more: महिलाओं में बढ़ता वजन और फायब्रॉइड का खतरा, जानें बचाव के उपाय

क्या है यूट्रस फायब्रॉइड?— गर्भाशय की मांसपेशियों में असामान्य वृद्धि होकर गांठ का रूप ले लेना ही यूट्रस फायब्रॉइड है। हालांकि, ज्यादातर मामलों में ये गांठें कैंसर की नहीं होतीं, लेकिन कुछ स्थितियों में इनके कैंसर में बदलने की आशंका बनी रहती है। सोनोग्राफी के जरिए इसके सटीक आकार और जगह का पता लगाया जा सकता है।

लक्षण और पहचान—

  • माहवारी में समस्या: पीरियड्स के दौरान अधिक रक्तस्राव या खून के बड़े थक्के निकलना।

  • शारीरिक कमजोरी: खून की कमी के कारण लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना।

  • यूरिन संबंधी परेशानी: पेशाब करने में दिक्कत महसूस होना और गंभीर स्थिति में किडनी में सूजन आना।

  • तेज दर्द: लंबे समय तक नजरअंदाज करने पर असहनीय दर्द और कोमा में जाने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

मुख्य कारण और जोखिम— फायब्रॉइड की मुख्य वजह हार्मोन्स में गड़बड़ी को माना जाता है। विशेष रूप से अधिक उम्र, गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन, मोटापा और गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन का ज्यादा स्त्रावित होना इसके लिए जिम्मेदार है। इसके अलावा, यदि फायब्रॉइड फैलोपियन ट्यूब या ग्रीवा के पास हो, तो इंफर्टिलिटी (बांझपन) और गर्भपात (Abortion) का खतरा बढ़ जाता है।

Read more: महिलाएं सावधान! गर्भाशय की बीमारी बिगाड़ सकती है इम्यूनिटी, अपनाएं ये 4 टिप्स

इलाज के विकल्प— 40 साल से अधिक उम्र की जो महिलाएं मां बनना चाहती हैं, उनमें सर्जरी के जरिए इन गांठों को निकाला जाता है। अधिक उम्र की महिलाओं के लिए यूट्रस को बाहर निकालना भी एक विकल्प होता है। आयुर्वेद में गांठ के आकार को बढ़ने से रोकने के लिए विशेष आहार जैसे जौ का दलिया, सत्तू, शाली चावल और गुलाब की पंखुड़ियां दी जाती हैं। वहीं, इमरजेंसी ब्लीडिंग की स्थिति में रोगी की जांच कर हेमामिलिस जैसी दवाएं दी जाती हैं।

Read more: महिलाओं के लिए ‘सुपरफूड’ से कम नहीं सूर्य नमस्कार, हार्मोनल लोचा होगा खत्म!

Share.
Exit mobile version