Hazaribagh : लोकनायक जयप्रकाश नारायण सेंट्रल जेल में फैल रही अव्यवस्था और कैदियों के साथ अनुचित व्यवहार के मामलों को लेकर विभागीय कार्रवाई की गई है। जेल प्रशासन की मॉनिटरिंग रिपोर्ट और जांच के आधार पर जेलर सहित तीन उच्च कक्षपाल, एक कारापाल और एक कक्षपाल को सस्पेंड कर दिया गया है।

इसके अलावा, जेल में संविदा पर कार्यरत छह भूतपूर्व सैनिक कक्षपालों की सेवा समाप्त कर दी गई। यह कार्रवाई जेल में फैल रही अव्यवस्था, बंदियों के साथ सांठगांठ रखने और कैदियों को अनुचित सुविधा उपलब्ध कराने के गंभीर आरोपों के मद्देनजर की गई।

जेल सुपरिटेंडेंट जितेंद्र कुमार सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि की और कहा कि जेल प्रशासन में अनुशासन और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक था। उन्होंने बताया कि विभागीय जांच अशोक शर्मा की मॉनिटरिंग में संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न कर्मचारियों की लापरवाही और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई।

जेल में हाल ही में निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था की जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ कर्मचारी कैदियों को अनुचित सुविधा प्रदान कर रहे थे, जिसके कारण जेल में सुरक्षा और अनुशासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। सस्पेंड किए गए अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने जेल के नियमों का उल्लंघन कर, बंदियों के साथ सांठगांठ और गलत व्यवहार किया।

इस कार्रवाई के बाद जेल प्रशासन ने सभी अन्य कर्मचारियों को अनुशासन और जिम्मेदारी के प्रति सतर्क रहने का निर्देश दिया है। जेल अधीक्षक ने कहा कि इस तरह की घटनाएं किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं और भविष्य में किसी भी लापरवाही की आशंका नहीं रहे, इसके लिए सख्त निगरानी रखी जाएगी।

जेल अधिकारियों का कहना है कि विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य कैदियों के हित और जेल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी संविदा और नियमित कर्मचारियों के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है और किसी भी तरह के उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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