रांची: झारखंड की राजधानी रांची जल्द ही वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई इबारत लिखने जा रही है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने घोषणा की है कि आगामी 2 और 3 सितंबर को रांची में ‘मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची’ विषय पर एक भव्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ) और मुख्य निर्वाचन कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में होगा।

वेबसाइट और ब्रोशर का हुआ आगाज

सोमवार को रांची के ‘निर्वाचन सदन’ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान के. रवि कुमार ने सम्मेलन की आधिकारिक वेबसाइट www.icvrvr.org और सूचना ब्रोशर का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन केवल एक चर्चा नहीं, बल्कि वैश्विक चुनावी सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम है।

दिग्गज शैक्षणिक संस्थान बने ‘नॉलेज पार्टनर’

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के प्रतिष्ठित संस्थान इसके साथ जुड़ चुके हैं। इनमें शामिल हैं:

  • IIM रांची: प्रबंधन और डेटा विश्लेषण के लिए।

  • NUSRL रांची: कानूनी बारीकियों और संवैधानिक पहलुओं के लिए।

  • सेंट जेवियर्स कॉलेज: शोध और शैक्षणिक सहयोग के लिए।

झारखंड के मॉडल की दुनिया में चर्चा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि जनवरी 2026 में दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चुनाव प्रबंधन सम्मेलन में झारखंड द्वारा प्रस्तुत ‘मतदाता सूची मॉडल’ की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई थी। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए अब रांची में विभिन्न लोकतांत्रिक देशों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और चुनाव विशेषज्ञ एक साथ बैठकर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करेंगे।

रिपोर्ट बनेगी मील का पत्थर

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों के विचारों को संकलित करना है। इस मंथन से जो रिपोर्ट निकलेगी, वह आने वाले समय में मतदाता पंजीकरण की जटिलताओं को दूर करने और मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने में एक मार्गदर्शक (Blue Print) का काम करेगी।

प्रेस वार्ता में आईआईएम, एनयूएसआरएल और सेंट जेवियर्स कॉलेज के प्रोफेसरों के साथ-साथ निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जो इस आयोजन की भव्यता की तैयारी में जुटे हैं।

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