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Home»#Trending»भारत में उर्दू शिक्षा का महाकुंभ : 28,000 स्कूलों के साथ भविष्य की ओर कदम
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भारत में उर्दू शिक्षा का महाकुंभ : 28,000 स्कूलों के साथ भविष्य की ओर कदम

आधुनिकीकरण और परंपरा के बीच देश के उर्दू विद्यालयों का सफरनामा
By Muzaffar HussainMay 11, 20265 Mins Read
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रांची/नई दिल्ली : भारत की सांस्कृतिक और भाषाई विविधता के फलक पर उर्दू एक ऐसी भाषा है जिसने सदियों से दिलों को जोड़ने का काम किया है। हाल ही में ‘यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन’ (UDISE) द्वारा जारी आंकड़ों ने इस भाषा के शैक्षणिक आधार को एक नई पहचान दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, आज भारत में 28,276 उर्दू माध्यम के स्कूल संचालित हो रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि उर्दू केवल साहित्य की भाषा नहीं, बल्कि आधुनिक शिक्षा का एक सशक्त माध्यम भी है। इनमें से 16,382 स्कूल सीधे तौर पर राज्य सरकारों के अधीन चल रहे हैं । यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत की धर्मनिरपेक्ष शिक्षा प्रणाली में उर्दू भाषा को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं।

राज्यों की स्थिति : महाराष्ट्र और कर्नाटक का वर्चस्व

अगर हम आंकड़ों की गहराई में उतरें, तो महाराष्ट्र इस सूची में सबसे ऊपर आता है । यहाँ कुल 5,282 उर्दू स्कूल हैं, जिनमें से 2,832 सरकारी हैं। इसके ठीक पीछे कर्नाटक खड़ा है, जहाँ 5,227 स्कूलों के साथ एक बड़ा शैक्षणिक ढांचा मौजूद है। यहाँ गौर करने वाली बात यह है कि कर्नाटक में सरकारी उर्दू स्कूलों की संख्या (4,125) पूरे देश में सबसे अधिक है।

आंध्र प्रदेश (4,067 स्कूल) और बिहार (3,224 स्कूल) भी उर्दू शिक्षा के गढ़ माने जा सकते हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश (3,459 स्कूल) में एक दिलचस्प विरोधाभास देखने को मिलता है। यहाँ स्कूलों की कुल संख्या तो अधिक है, लेकिन सरकारी उर्दू स्कूलों की संख्या मात्र 175 है, जिसका अर्थ है कि यहाँ निजी और अल्पसंख्यक संस्थान इस भाषा के संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

प्रमुख राज्यों का तुलनात्मक विवरण 

Sn State Total Urdu School Run by Govt
1 Maharashtra 5282 2832
2 Karnatak 5227 4125
3 Andhra Pradesh 4067 3141
4 Uttar Pradesh 3459 175
5 Bihar 3224 2597
6 West Bengal 1610 911
7 J & K 1367 1227
8 Madhya Pradesh 941 210
9 Jharkhand 913 463
10 Rajasthan 574 44
11 Orissa 283 148
12 Tamil Nadu 280 66
13 Gujrat 144 130
14 Chhattisgarh 133 11
15 Uttarakhand 124 20
16 Delhi 113 101
17 Assam 68 09
18 Goa 33 23
19 Haryana 18 Private
20 Punjab 04 Private
21 Manipur 04 Private
22 Tripura 03 03
23 Kerala 02 Private
24 Meghalaya 01 Private
25 Sikkim 01 01

झारखंड का गौरवशाली इतिहास : 100 साल पुरानी विरासत

झारखंड, विशेषकर राजधानी रांची और आसपास के जिलों में उर्दू शिक्षा का इतिहास आजादी के आंदोलन से भी पुराना है। यहाँ के स्कूल केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि एक पूरी सभ्यता को संजोए हुए हैं।

  • मदरसा इस्लामिया (रांची): 1917 में स्थापित यह संस्थान आज भी हायर सेकेंडरी स्तर पर छात्र-छात्राओं को शिक्षित कर रहा है । यह 100 साल से भी अधिक पुरानी विरासत का प्रतीक है।

  • यूपीजी हाई स्कूल (मसमानो, रांची): इस स्कूल की नींव 1929 में रखी गई थी, जो इसे क्षेत्र का एक ऐतिहासिक शिक्षा केंद्र बनाता है ।

  • राजकीय उर्दू मध्य विद्यालय (गढ़वा): 1932 में स्थापित यह विद्यालय पिछले नौ दशकों से शिक्षा की मशाल जलाए हुए है।

इनके अलावा, झारखंड के विभिन्न जिलों जैसे धनबाद, बोकारो और हजारीबाग में कई ‘उत्क्रमित उर्दू मिडिल स्कूल’ कार्यरत हैं जो ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित कर रहे हैं ।

SN School Name & Address Established Stream
1 Urdu Middle School, Balsokra, Chanho, Ranchi 1937 Co-Educational (1-8)
2 Govt. Utkramit Urdu Middle School, Nagri, Ranchi 1952 Co-Educational (1-8)
3 Govt. Upgraded Urdu Middle School, Patratoli, Thakurgaon, Burmu, Ranchi 1965 Co-Educational (1-8)
4 Utkramit Urdu Madhya vidyalay, Kute, Ormanjhi, Ranchi 1952 Co-Educational (1-8)
5 Urdu Prathmik Vidyalay, Khijurtoli, Kanke, Ranchi 1952 Co-Educational (1-5)
6 Urdu Utkramit Kanya Madhya Vidyalay, Nevri, Kanke, Ranchi 1952 Co-Educational (1-8)
7 Utkramit Urdu Middle School, Kanchandih, Nirsa, Dhanbad 1956 Co-Educational (1-8)
8 Upgraded Urdu Middle School, Manjhladih, Gandey 1950 Co-Educational (1-8)
9 Govt. Urdu Middle School, Toto, Gumla — Co-Educational (1-8)
10 Utkramit Urdu Middle School, Hesabatu, Chas, Bokaro 1956 Co-Educational (1-8)
11 Utkramit Urdu+2 Uchch Vidyalay, Ragdih, Hazaribagh 1965 Co-Educational (1-8)
12 Rajkiya Urdu Madhya Vidyalay, Dudhwal, Gadhwa 1932 Co-Educational (1-8)
13 Madarsa Islamiya, Ward-27, RMC, Ranchi 1917 Co-Educational, High Secondary
14 Govt. UPG High School Masmano, Chatwal, Ranchi 1929 Co-Educational, Secondary
15 Rayeen High School, Ward-26, RMC, Ranchi 1967 Girls, Upper Primary, Secondary, High Secondary (6-12)
16 Madarsa Nurul Ulum Bijuliya, Bijuliya, Ranchi 1972 Co-Educational, Secondary
17 Madarsa Diniya, Pathal Kuduwa, Ward-16, RMC, Ranchi 1974 Co-Educational, Secondary
18 Shamima Balika Urdu High School, Itki 1978 Girls, Upper Primary, Secondary (6-10)
19 Idrisiya Tanzeem Minority Urdu School, Ward-27, RMC, Ranchi 1980 Co-Educational, Secondary
20 Mohsinath High School, Patra Toli, Kanke, Ranchi 1982 Co-Educational, Secondary
21 Madarsa Islamiya, Kokdoro, Ranchi 1987 Co-Educational, Secondary
22 Madarsa Islamiya Nooriya, Azad Coloy, Ward-11, RMC, Ranchi 1992 Co-Educational, Secondary
23 Utkramit Urdu Middle School, Karmatand, Tundi, Dhanbad — Co-Educational (1-8)
24 Urdu Middle School, Chitro, Topchanchi, Dhanbad — Co-Educational (1-8)

महिला शिक्षा और सामाजिक बदलाव

इन आंकड़ों के पीछे एक सुखद तस्वीर महिला शिक्षा की भी है। रांची के शमीमा बालिका उर्दू हाई स्कूल  (इटकी) और राईन हाई स्कूल (RMC) जैसे संस्थान यह साबित कर रहे हैं कि उर्दू माध्यम से बेटियाँ भी ऊँची उड़ान भरने को तैयार हैं । ये स्कूल न केवल भाषा सिखा रहे हैं, बल्कि आधुनिक विषयों के साथ लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं ।

झारखंड के ‘मॉडल’ स्कूलों की सूची में उत्क्रमित उर्दू कन्या मध्य विद्यालय (नेवरी, कांके) जैसे नाम शामिल हैं, जो विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा को समर्पित हैं ।

चुनौतियां और संभावनाएं

आंकड़ों के अनुसार, जहाँ गोवा, सिक्किम और त्रिपुरा जैसे छोटे राज्यों में भी उर्दू शिक्षा की मौजूदगी है, वहीं पंजाब, हरियाणा और केरल जैसे राज्यों में यह मुख्य रूप से निजी हाथों में है । केरल और पंजाब में ये स्कूल पूरी तरह ‘प्राइवेट’ श्रेणी में रखे गए हैं, जो दर्शाता है कि यहाँ सरकारी स्तर पर और अधिक प्रोत्साहन की आवश्यकता हो सकती है। वहीं, झारखंड के उर्दू स्कूलों में सरकार काे बेहतर मार्गदर्शन के साथ-साथ आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। 

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