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रांची: झारखंड की राजधानी में रविवार को सियासी पारा उस समय चढ़ गया जब भारतीय जनता पार्टी ने हेमंत सोरेन सरकार पर कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड आज अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह बनता जा रहा है।
NCRB के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
प्रतुल शाहदेव ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2024 के ताज़ा आंकड़ों का हवाला देते हुए राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने चौंकाने वाला दावा किया कि हत्या के मामलों में झारखंड अब देश में शीर्ष स्थान पर पहुँच गया है। शाहदेव के अनुसार, झारखंड में हत्या का अनुपात 3.7 प्रति लाख आबादी है, जो कि राष्ट्रीय औसत (1.9) से लगभग दोगुना है। वर्ष 2024 में अब तक रिकॉर्ड 1472 हत्या के मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जो राज्य के माथे पर कलंक के समान है।
अपराध का भयावह रिपोर्ट कार्ड
बीजेपी प्रवक्ता ने पिछले साढ़े छह वर्षों का ‘काला चिट्ठा’ पेश करते हुए बताया कि राज्य में अपराध की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं। उनके अनुसार, इस अवधि में:
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10,000 से अधिक दुष्कर्म की घटनाएँ हुईं।
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11,000 से ज्यादा अपहरण के मामले सामने आए।
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9,250 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज आम जनता खौफ में है और अपराधियों के मन से पुलिस का डर पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल : तैनात क्यों नहीं हुए 39 DSP?
प्रेस वार्ता के दौरान प्रतुल शाहदेव ने प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि जुलाई 2022 में नियुक्त किए गए 39 पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) ने अक्टूबर 2023 में ही अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली थी। हैरानी की बात यह है कि प्रशिक्षण खत्म होने के महीनों बाद भी इन्हें फील्ड में तैनात नहीं किया गया है।
उन्होंने सवाल किया, “जब राज्य अपराध की आग में जल रहा है, तब प्रशिक्षित अधिकारियों को खाली क्यों बैठाया गया है?” सरकार इन अधिकारियों के वेतन-भत्तों पर करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी है, लेकिन उनकी सेवाओं का लाभ जनता को नहीं मिल रहा। यह सरकार की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न है। भाजपा ने मांग की है कि सरकार केवल विज्ञापनों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर अपराधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए और पुलिस बल को सक्रिय कर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

