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रांची: भारतीय रेल में सफर करने वाले यात्रियों के लिए ‘सुरक्षा’ सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है और इस कसौटी पर रांची रेल मंडल ने खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित कर दिया है। रेलवे सप्ताह पुरस्कार 2025 के तहत इस वर्ष रांची मंडल को प्रतिष्ठित ‘सिक्योरिटी शील्ड’ (सुरक्षा ढाल) से नवाजा जा रहा है। यह सम्मान मंडल द्वारा ट्रेनों और स्टेशन परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने, अपराधों पर अंकुश लगाने और यात्रियों की मदद के लिए किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है।
कोलकाता में सजेगा सम्मान का मंच
रांची रेल मंडल द्वारा सोमवार को साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह गौरवशाली क्षण 70वें रेलवे सप्ताह समारोह के दौरान आएगा। मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को कोलकाता के गार्डन रीच स्थित ‘बीएनआर ऑफिसर्स क्लब’ में एक भव्य जोनल स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस समारोह में रांची मंडल की ओर से मंडल सुरक्षा आयुक्त (DSC) पवन कुमार इस प्रतिष्ठित शील्ड को ग्रहण करेंगे।
क्यों मिला यह सम्मान
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रांची मंडल ने बीते एक साल में तकनीक और मानवीय सतर्कता का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। चाहे वह स्टेशनों पर सीसीटीवी की सघन निगरानी हो, रेल मदद पोर्टल के जरिए यात्रियों की शिकायतों का त्वरित निपटारा हो, या फिर संदिग्ध गतिविधियों पर आरपीएफ (RPF) की पैनी नजर इन सभी मानकों पर मंडल का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है।
दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकारियों ने इसे पूरे मंडल के लिए गर्व का विषय बताया है। यह पुरस्कार न केवल सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि यात्रियों के बीच रेलवे की विश्वसनीयता को भी और मजबूत करेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह ‘सिक्योरिटी शील्ड’ टीम वर्क और यात्रियों की सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
यात्री सुरक्षा के प्रति जवाबदेही
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि रांची मंडल से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में सुरक्षा एक बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में अपराध नियंत्रण और यात्रियों को सुरक्षित माहौल देने के क्षेत्र में मिली यह जीत मंडल की कार्यकुशलता और जिम्मेदारी को रेखांकित करती है। अब मंडल का लक्ष्य इस स्तर को बरकरार रखते हुए भविष्य में नई ऊंचाइयों को छूना है।

