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बोकारो : बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) के तत्वावधान में आयोजित बहुप्रतीक्षित हॉफ मैराथन ने फिटनेस और एकजुटता की एक नई मिसाल पेश की। मोहन कुमार मंगलम स्टेडियम से शुरू हुई इस दौड़ में न केवल झारखंड बल्कि देश के विभिन्न कोनों से आए लगभग 5,800 धावकों ने हिस्सा लिया। सुबह की गुलाबी ठंड के बीच धावकों का जोश देखते ही बन रहा था।
विविधता और समावेशी भागीदारी
इस बार की मैराथन केवल रफ्तार की दौड़ नहीं, बल्कि समावेशी समाज का प्रतीक भी बनी। कुल प्रतिभागियों में 1,229 महिला और 4,571 पुरुष धावक शामिल हुए। आयोजन को चार प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया था:
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21 किलोमीटर (हॉफ मैराथन): पेशेवर और अनुभवी धावकों के लिए।
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10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर: युवाओं और फिटनेस प्रेमियों के लिए।
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2 किलोमीटर (विशेष दौड़): दिव्यांगजनों के लिए आयोजित यह दौड़ सबसे अधिक प्रेरणादायी रही, जिसने उपस्थित जनसमूह की खूब तालियां बटोरीं।
भव्य शुभारंभ और व्यापक इंतजाम
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन बोकारो स्टील प्लांट के डायरेक्टर इंचार्ज प्रिय रंजन ने हरी झंडी दिखाकर किया। फ्लैग ऑफ के समय धावकों का जयघोष पूरे स्टेडियम में गूंज उठा। इस मौके पर सीआईएसएफ के डीआईजी एम. मित्तल सहित संयंत्र के कई कार्यकारी निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मैराथन को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन और बीएसएल प्रबंधन ने कड़े सुरक्षा और चिकित्सा इंतजाम किए थे। पूरे रूट पर जगह-जगह एनर्जी ड्रिंक, पेयजल, रिफ्रेशमेंट पॉइंट्स और एम्बुलेंस की तैनाती की गई थी। सैकड़ों स्वयंसेवक और सुरक्षा बल धावकों का मार्गदर्शन करने के लिए सड़कों पर मुस्तैद दिखे।
सम्मान और उपलब्धि
दौड़ पूरी करने के बाद हर धावक के चेहरे पर जीत की चमक थी। कई एथलीटों ने अपने पिछले रिकॉर्ड तोड़े, तो कई लोगों ने पहली बार इतनी लंबी दूरी तय कर अपनी इच्छाशक्ति का परिचय दिया। कार्यक्रम के अंत में डायरेक्टर इंचार्ज प्रिय रंजन ने विजेताओं को नकद पुरस्कार और ट्राफियां देकर सम्मानित किया। दौड़ पूरी करने वाले सभी 5,800 प्रतिभागियों को मेडल और ई-प्रमाणपत्र देकर उनकी खेल भावना की सराहना की गई।


भव्य शुभारंभ और व्यापक इंतजाम