अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
लंदन/रांची : झारखंड की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर लंदन पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रवासी झारखंडियों और छात्रों के बीच एक भावुक और प्रेरक भाषण दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड अब केवल खनिजों से समृद्ध राज्य ही नहीं, बल्कि बौद्धिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनने की राह पर है। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा और शिबू सोरेन जैसे महान क्रांतिकारियों के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि पूर्वजों ने हमें सुरक्षित करने के लिए बलिदान दिया था, अब हमारा दायित्व है कि हम अगली पीढ़ी को सशक्त बनाएं।
शिक्षा और सशक्तिकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं जैसे ‘सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ और ‘गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड’ का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि झारखंड सरकार 15 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण बिना किसी गारंटी (कोलेटरल) के प्रदान कर रही है, ताकि कोई भी प्रतिभाशाली युवा पैसों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति योजना के तहत विदेश में पढ़ रहे छात्रों को ‘ईंधन’ के समान बताया, जो राज्य के विकास की मशीन को गति देंगे।
वैश्विक साझेदारी और विजन 2026
अपनी लंदन यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश मंत्री सीमा मल्होत्रा और प्रतिष्ठित शिक्षाविदों से मुलाकात कर उच्च शिक्षा और कौशल विकास पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि झारखंड का स्वभाव सद्भाव और प्रेम का है। 25 साल के इस युवा राज्य के पास अब अगले 25 वर्षों के लिए एक ठोस और मजबूत रोडमैप है। दावोस के आर्थिक मंच से लेकर लंदन के सांस्कृतिक मंच तक, झारखंड अब आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान बना रहा है।

