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Ranchi News : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार राज्य के आदिवासी छात्रों के उज्जवल भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना का उद्देश्य हर साल 300 प्रतिभाशाली आदिवासी छात्र-छात्राओं को डॉक्टर और इंजीनियर बनाना है। इसके तहत चयनित छात्रों को नीट (NEET) और जेईई (JEE) की उच्च स्तरीय कोचिंग पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य सरकार का मानना है कि झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली छात्र मौजूद हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति और संसाधनों की कमी के कारण वे उच्च शिक्षा में पीछे रह जाते हैं। इस योजना से उन छात्रों को नई दिशा मिलेगी जो डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह पहल राज्य के युवाओं को न सिर्फ शिक्षा में आगे बढ़ाएगी, बल्कि समाज में नई पहचान भी दिलाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत हर साल 300 छात्रों का चयन किया जाएगा। यह चयन राज्यस्तरीय परीक्षा और मेरिट के आधार पर होगा ताकि वास्तव में योग्य और मेहनती छात्रों को अवसर मिल सके।
चयनित छात्रों को देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों से तैयारी कराई जाएगी। इसमें मेडिकल की पढ़ाई के लिए नीट (NEET) और इंजीनियरिंग के लिए जेईई (JEE) की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, छात्रों को रहने, पढ़ाई का सामान और अन्य जरूरी सुविधाएं भी सरकार द्वारा मुफ्त प्रदान की जाएंगी।
सरकार का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में झारखंड से हजारों आदिवासी छात्र डॉक्टर और इंजीनियर बनकर निकलें, जिससे राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आए। यह योजना शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है और ग्रामीण व पिछड़े इलाकों में इसे लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल आदिवासी समुदाय के लिए वरदान साबित होगी क्योंकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे बिना किसी बोझ के उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह योजना राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और अवसरों की बराबरी को मजबूत करेगी।

