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Ranchi News : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2023 के हाल ही में घोषित परिणामों को लेकर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य वारिस कुरैशी ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि कुल 342 सफल अभ्यर्थियों में केवल 9 मुस्लिम समुदाय से हैं, जो कि केवल 2.63 % बैठता है। जबकि राज्य की मुस्लिम आबादी करीब 15 % है।
वारिस कुरैशी ने कहा कि वह सभी सफल उम्मीदवारों को दिल से मुबारकबाद देते हैं, पर साथ ही इस नतीजे ने मुस्लिम समुदाय के बीच चिंता की लहर भी दौड़ा दी है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा इस ओर इशारा करता है कि मुस्लिम समुदाय के प्रतियोगियों को उपयुक्त कोचिंग और मार्गदर्शन की सख्त आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में मुस्लिम प्रतियोगियों ने इंटरव्यू तक पहुँच बनाई थी, लेकिन अंतिम चयन में उनकी भागीदारी नगण्य रही। उन्होंने माना कि यदि बेहतर गाइडेंस और कोचिंग की व्यवस्था होती, तो परिणाम अलग हो सकते थे।
कुरैशी ने कहा कि केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय द्वारा UPSC, JPSC, SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अल्पसंख्यकों को मुफ्त कोचिंग देने की योजना पहले से है। लेकिन अफसोस की बात है कि झारखंड में अभी तक इस योजना को धरातल पर नहीं उतारा गया है।
उन्होंने सुझाव दिया कि रांची स्थित हज हाउस जैसी सरकारी इमारतों का उपयोग कर इस कोचिंग सेंटर को जल्द शुरू किया जा सकता है। यह स्थान सुविधाजनक भी है और बुनियादी ढांचे की कोई कमी नहीं है।
वारिस कुरैशी ने अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री से आग्रह किया कि जल्द से जल्द कोचिंग व्यवस्था शुरू की जाए, ताकि मुस्लिम समुदाय के होनहार छात्र-छात्राएं भी प्रशासनिक सेवाओं में अधिक भागीदारी निभा सकें और मुख्यधारा में आ सकें।

