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Ranchi News : झारखंड सरकार ने राज्य में उर्दू भाषा की शिक्षा को मजबूती देने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिपरिषद की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में पूर्व से सृजित 3712 उर्दू सहायक शिक्षक पदों को वापस लिया जाएगा और उसकी जगह नए ढांचे के अनुरूप 4339 पदों का सृजन किया जाएगा।
इस निर्णय के तहत प्रथम चरण में इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 3287 पद स्वीकृत किए गए हैं, जो प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत होंगे। साथ ही, मध्य विद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 1052 पद सृजित किए गए हैं। इस तरह कुल 4339 नए पदों को मंजूरी दी गई है, जो राज्य में उर्दू भाषा के शिक्षण को एक नई दिशा देंगे।
इस फैसले का सीधा लाभ उन हजारों अभ्यर्थियों को मिलेगा जो वर्षों से उर्दू विषय में नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसके अलावा यह कदम राज्य के उर्दू भाषी छात्रों को मातृभाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में मददगार होगा।
सरकार के इस निर्णय से यह स्पष्ट संकेत गया है कि राज्य उर्दू भाषा और उसके शिक्षकों की स्थिति को लेकर गंभीर है। पुराने ढांचे में सुधार करते हुए अब ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जो योग्य, प्रशिक्षित और नई शिक्षा नीति के अनुरूप हों।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ भाषा के प्रति विद्यार्थियों की रुचि भी बढ़ाएगा। साथ ही, सामाजिक समरसता और भाषाई विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
यह फैसला न केवल उर्दू शिक्षकों के लिए रोजगार का एक बड़ा अवसर है, बल्कि राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक संतुलित और समावेशी नीति का संकेत भी है।

