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Ranchi News : झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को एक बार फिर अपने सहज और जमीन से जुड़े रूप का परिचय दिया। रांची के चान्हो प्रखंड स्थित रघुनाथपुर गांव में उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर धान रोपनी की।
सावन की रिमझिम बारिश के बीच जब गांव की महिलाएं पारंपरिक गीतों के साथ खेतों में धान की रोपाई में व्यस्त थीं, उसी समय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की अचानक खेत में पहुंच गईं। उन्हें अपने बीच देखकर महिलाएं पहले तो हैरान रह गईं, लेकिन फिर उनका जोश और भी बढ़ गया।
मंत्री ने न सिर्फ खेत में उतरकर धान रोपने का काम किया, बल्कि महिलाओं के साथ बातचीत कर उनके अनुभव और समस्याएं भी सुनीं। खेत में कीचड़ और पानी में भीगती मंत्री की सादगी और आत्मीयता ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया।
गांव की एक महिला जॉनी उरांव ने बताया, “शिल्पी दीदी पहले भी रोपनी और कटनी में आती रही हैं, लेकिन आज भी जब वो हमारे साथ काम करती हैं, तो हमें गर्व होता है। वो मंत्री हैं, पर हमारे लिए परिवार जैसी हैं।” वहीं, अनीता उरांव ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि एक मंत्री हमारे साथ खेत में धान लगाएंगी। ऐसा लग रहा था जैसे घर की कोई बहन हमारे साथ है।”
शिल्पी नेहा तिर्की ने इस मौके पर कहा, “झारखंड की खेती महिलाओं की मेहनत पर टिकी है। वे केवल खेतों में काम नहीं करतीं, बल्कि खेती को जीती हैं – लोकगीतों, सहयोग और उत्सव के साथ। रोपनी केवल मेहनत नहीं, बल्कि परंपरा, संस्कृति और एकजुटता का प्रतीक है।”
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार किसानों, विशेष रूप से महिला कृषकों को हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। जल्द ही महिला कृषकों के लिए विशेष योजनाएं लाने की बात भी मंत्री ने कही।

