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London (UK): कुदरत के करिश्मे कब और कहाँ सामने आ जाएं, कोई नहीं जानता। दक्षिण वेल्स के पेनार्थ बीच पर टहल रही 9 साल की आरियाना चर्च के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। आरियाना जिसे एक साधारण पत्थर समझकर अपने संग्रह के लिए घर ले आई थी, वह वास्तव में 4.5 अरब साल पुराना एक दुर्लभ उल्कापिंड (Meteorite) निकला। यह पत्थर उतना ही पुराना है जितनी हमारी पृथ्वी, यानी यह उस दौर का हिस्सा है जब सौर मंडल का जन्म हो रहा था।
गूगल लेंस ने चौंकाया, वैज्ञानिकों ने की पुष्टि
आरियाना को समुद्र किनारे से पुरानी चीजें इकट्ठा करने का शौक है। उसे रेत में एक टेनिस बॉल के आकार का भारी और धातु जैसी चमक वाला पत्थर मिला। घर आने पर जब उसके माता-पिता ने गूगल लेंस (Google Lens) के जरिए इसकी तस्वीर सर्च की, तो परिणाम देखकर उनके होश उड़ गए। शुरुआती जांच में विशेषज्ञों ने पाया कि इस पर ‘रेग्माग्लिप्ट्स’ (Regmaglypts) यानी छोटे-छोटे गड्ढों के निशान हैं। ये निशान इस बात का सबूत हैं कि यह पत्थर अंतरिक्ष से भीषण गर्मी और प्रचंड गति के साथ वायुमंडल को चीरते हुए धरती पर गिरा है।
सौर मंडल का ‘टाइम कैप्सूल’
वैज्ञानिकों के लिए यह खोज किसी जैकपॉट से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पत्थर एक ‘टाइम कैप्सूल’ की तरह है। पृथ्वी की उम्र लगभग 4.54 अरब साल है और यह पत्थर भी उसी दौर का है। इसका अध्ययन करने से यह पता चल सकता है कि ग्रह कैसे बने और सौर मंडल की शुरुआत में अंतरिक्ष में कौन से तत्व मौजूद थे। अरबों साल के सफर के बाद भी यह टुकड़ा सुरक्षित बचा रहना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
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वर्तमान में इस बेशकीमती पत्थर को गहन शोध के लिए सुरक्षित रख लिया गया है। नन्ही आरियाना के इस शौक ने दुनिया को ब्रह्मांड के निर्माण से जुड़े अनसुलझे रहस्यों को समझने का एक नया जरिया दे दिया है।



