New Delhi: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आठवें वेतन आयोग का इंतजार अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सरकार द्वारा गठित इस आयोग ने न केवल काम शुरू कर दिया है, बल्कि अपनी आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च कर दी है। यदि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होती हैं, तो कर्मचारियों को एक मोटी रकम एरियर (Arrear) के रूप में मिलना तय है। विशेष रूप से लेवल 1 से लेवल 5 तक के कर्मचारियों के लिए यह राशि लाखों रुपए में हो सकती है।
एरियर का गणित: किसे कितना मिलेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, एरियर की गणना फिटमेंट फैक्टर के आधार पर की जाती है। यदि 20 महीनों का एरियर आधार माना जाए और फिटमेंट फैक्टर 2.0 से 2.57 के बीच रहता है, तो लेवल 1 (बेसिक सैलरी 18,000 रु.) और लेवल 5 (बेसिक सैलरी 29,200 रु.) के कर्मचारियों को 3.60 लाख रुपए से लेकर 9.17 लाख रुपए तक का एकमुश्त भुगतान मिल सकता है।
कैसे होती है गणना?
एरियर निकालने का तरीका बहुत सीधा है। सबसे पहले सातवें वेतन आयोग की मौजूदा बेसिक पे पर नया फिटमेंट फैक्टर लगाकर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। इसके बाद पुरानी और नई सैलरी के बीच का मासिक अंतर निकाला जाता है। इस अंतर को देरी के महीनों (जैसे 18 या 20 महीने) से गुणा किया जाता है। इस राशि में संशोधित महंगाई भत्ते (DA) का अंतर भी शामिल होता है।
वेबसाइट लॉन्च, अब आप भी दे सकते हैं सुझाव
8वें वेतन आयोग ने अपनी वेबसाइट पर एक प्रश्नावली जारी की है। इसके जरिए मंत्रालयों, विभागों और स्वयं कर्मचारियों से सुझाव मांगे गए हैं। यदि आपके पास वेतन वृद्धि या भत्तों को लेकर कोई ठोस सुझाव है, तो आप उसे सीधे आयोग तक पहुंचा सकते हैं।
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बता दें कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में इस आयोग की घोषणा की थी और वित्त मंत्रालय ने 3 नवंबर को इसकी अधिसूचना जारी की थी। अब सभी की निगाहें 2026 की शुरुआत पर टिकी हैं, जब यह नई व्यवस्था आधिकारिक रूप से लागू होने की उम्मीद है।



