रांची: राजधानी की सड़कों को सुरक्षित बनाने और यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के सख्त रुख के बाद गुरुवार को रांची के विभिन्न इलाकों में बड़े पैमाने पर वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान ने उन वाहन चालकों की नींद उड़ा दी है जो बिना वैध कागजात या नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर वाहन दौड़ा रहे थे।
नगड़ी से बेड़ो तक सघन छापेमारी
जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार के नेतृत्व में प्रशासन की टीमों ने नगड़ी, नामकुम और बेड़ो थाना क्षेत्रों में मोर्चा संभाला। जांच का दायरा इतना विस्तृत था कि छोटे-बड़े कुल 153 वाहनों को रोककर उनके फिटनेस, इंश्योरेंस, प्रदूषण, परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस की बारीकी से पड़ताल की गई। प्रशासन की इस सक्रियता से पूरे इलाके में वाहन संचालकों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी रही।
जांच के दौरान 24 वाहन ऐसे पाए गए जो नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे। किसी का टैक्स बकाया था, तो कोई ओवरलोडिंग के साथ सड़कों को असुरक्षित बना रहा था। प्रशासन ने इन 24 दोषी वाहनों पर कुल ₹7,64,154 का भारी जुर्माना ठोका है। डीसी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने वाले और सड़क सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
क्लासरूम तक पहुँचा सड़क सुरक्षा का संदेश
केवल जुर्माना वसूलना ही प्रशासन का मकसद नहीं है, बल्कि लोगों की सोच बदलना भी प्राथमिकता है। इसी क्रम में बुण्डू के Symbiosis Public School में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी किस्टो बेसरा और डीटीओ अखिलेश कुमार ने स्कूली बच्चों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई। बच्चों को समझाया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल पुलिस से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए है।
प्रशासन की अपील : ‘दस्तावेज पूरे रखें, सुरक्षित चलें’
रांची जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के सभी कागजात अपडेट रखें और ओवरलोडिंग से बचें। ‘अबुआ साथी’ हेल्पलाइन के माध्यम से जनता भी अपनी शिकायतें साझा कर सकती है। यह अभियान महज एक कार्रवाई नहीं, बल्कि रांची को एक सुरक्षित और अनुशासित शहर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।



